चंपावत/लोहाघाट। शनिवार को हुई भारी ओलावृष्टि ने फसल बर्बाद कर दी है। ओलों ने फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च, बैगन, टमाटर, फ्रासबीन, हरी मिर्च की नर्सरियां उजाड़ दी हैं, जबकि सब्जियों, फलों को भी भारी नुकसान हुआ है। खेतीखान क्षेत्र में डेलीसस सेब भी ओलों की भेंट चढ़ गए हैं। ओलीगांव, परध्यानी, कडवाल गांव, तपनीपाल, ज्योस्यूडा, बुंगा कमलेख, कैड़ा गांव, डिंग्डवाल गांव में ओलावृष्टि ने किसानों के अरमान पर तुषारापात किया है। रायनगर चौड़ी के प्रमुख किसान महेश राय, बलदेव राय, विमला देवी, गणेश राय को भारी नुकसान हुआ है। सूखे की मार झेल रहे किसानों ने दूर से पानी ढोकर सब्जी की पौध तैयार की थी। ओलों ने सारी फसल को चौपट कर दिया है। किसानों ने उन्हें हुए नुकसान का निरीक्षण कर मुआवजा देने की मांग की है।
लोहाघाट (चंपावत)। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष चांद सिंह बोहरा के नेतृत्व में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सांसद महेंद्र सिंह माहरा के जरिए सीएम को ज्ञापन भेजा है। जनप्रतिनिधियों ने किसानों द्वारा लिए गए कृषि लोन को माफ करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में ईश्वर राम, मदन राम, सुभाष जोशी, शांति देवी, मनोहर राम, विमला देवी, सावित्री देवी, मोहन गिरि आदि थे।
लोहाघाट (चंपावत)। शनिवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से रसातल में पहुंच चुकी लोहावती आदि नदी-नाले उफान पर आ गए। लोहावती नदी का जलस्तर बढ़ने से रायनगरचौड़ी गांव के लिए लोहावती नदी पर बनी लघु डाल खंड की लिफ्ट सिंचाई योजना का 10 हॉर्सपावर (एचपी) का पंप नदी के तेज धारा में बह गया था।
सूखे के चलते लोहावती नदी में जलस्तर कम होने से पंप के जरिए लोहावती नदी से पानी लिफ्ट कर मुख्य टैंक तक पानी चढ़ाने के लिए नदी के पास मोटर, 20 मीटर पाइप बिछाया गया था, जो अचानक हुई बारिश के बाद उफनाई नदी में बह गई थी। रविवार को नदी का जलस्तर कम होने के बाद विभाग के जेई नीलम उप्रेती, पंप ऑपरेटर गणेशदत्त राय द्वारा पंप की ढूंढखोज की गई। बाद में पंप करीब 250 मीटर दूर नदी में मिल गया। रायनगरचौड़ी में बरसाती नाले के कारण रमेश राय, दीपक राय के घरों में पानी घुस गया, जिससे उनका खाद्यान्न बर्बाद हो गया।
चंपावत। आपदा नियंत्रण विभाग के मुताबिक 24 घंटों में चंपावत में 71 मिमी बारिश हुई है। कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिर्च आदि की खेती के लिए ये बारिश फायदेमंद है। वहीं पेयजल संकट से जूझ रहे जिले के पहाड़ी हिस्से को भी राहत मिली है। जल संस्थान के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने बताया कि पेयजल स्रोतों का जलस्तर बढ़ा है। इससे अगले कुछ दिनों में पेयजल व्यवस्था में सुधार होने की बात कही गई है।
चंपावत। मूसलाधार बारिश के बीच मां पूर्णागिरि धाम से करीब आठ किमी दूर कोटकेंद्री गांव में पूरन राम के कच्चे मकान में बिजली गिरी। वहां के सामाजिक कार्यकर्ता ललित सिंह बोहरा ने बताया कि पूरन राम का एक पांव लहूलुहान हो गया है। अस्पताल तक पैदल दूरी अधिक होने की वजह से फिलहाल पूरन को अस्पताल भी नहीं पहुंचाया जा सका है। एक बकरी और एक गाय की मौत हो गई। कच्चे मकान को भी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग की है।