सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग बनाने का ग्रामीणों का 12 साल से चला आ रहा संघर्ष आखिरकार रंग लाया है। मोटर मार्ग की कटिंग के टेंडर लगा दिए गए हैं। मार्ग के बनने से दो ग्राम पंचायतों के डेढ़ हजार से अधिक लोगों को असल आजादी का अनुभव हो सकेगा। सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग को लेकर ग्रामीण 2006 से लगातार संघर्ष कर रहे थे।
सड़क को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले क्वैराला घाटी संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. प्रकाश चंद्र जोशी शूल ने बताया कि 2007 के विधानसभा चुनाव से लेकर इस साल विधानसभा चुनाव तक इलाके में सड़क का मुद्दा प्रमुख बना रहा। कई बार ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार तक की धमकी दी, मगर हर बार प्रशासन ने आश्वासन देकर मतदान के लिए राजी करा दिया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 2009 में मंजूरी तो मिली, मगर वन अनापत्ति के चलते आठ साल तक सड़क लटकी रही। इतने प्रयासों और लंबे इंतजार के बाद अब सड़क को हरी झंडी मिल गई है, जिससे ग्रामीणाें में खुशी की लहर है।
पीएमजीएसवाई के चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मन ने बताया कि सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग की सभी अनापत्ति दूर होने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 14.15 किमी. लंबी सड़क की कटिंग 826.21 लाख रुपये में होगी। कटिंग का काम दो वर्ष में पूरा होगा।
सड़क बनने से मटैला और अमकड़िया ग्राम पंचायत के ओखलढुंगा, दुनियां, मिर्तोला, मलोड़ा, नंदोला, मर्सका, भंतोला, अमकड़िया, बर्मी, मारामट्टा, ग्वाड़ गांव की करीब डेढ़ हजार की आबादी सड़क से जुड़ेगी। पैदल आवाजाही से निजात मिलने के अलावा धान, गेहूं, मसूर, आम, केले आदि की पैदावार को मंडी तक पहुंचाना आसान होगा।
दो अन्य सड़कों की अड़चन भी दूर हुई
चंपावत जिले की दो अन्य सड़कों की अड़चन भी दूर हो गई है। टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग में चल्थी से सिलाड़ तक और धौन-दियूरी से बजौन तक के मोटर मार्ग को स्वीकृति मिल गई है। इन दोनों मार्गों के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। 3.15 किमी. लंबे सिलाड़ मोटर मार्ग की कटिंग 190.58 लाख और 13.40 किमी. लंबा बजौन मोटर मार्ग 907.92 लाख रुपये से बनेगा।