जिले के मैदानी क्षेत्र की ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत शत-प्रतिशत शौचालय युक्त ग्राम पंचायत बनकर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना की एसएलडब्ल्यूएम (सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट) पुरस्कार की दौड़ में शामिल हो गई है। ग्राम प्रधान नीतू गोस्वामी और बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी के इस दावे के बाद स्वजल विभाग ने ग्राम पंचायत को स्वच्छ भारत मिशन के एसएलडब्ल्यूएम पुरस्कार दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह पुरस्कार मिला तो ग्राम पंचायत में एसएलडब्ल्यूएम योजना के तहत विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
निर्मल ग्राम पंचायत की तर्ज पर अब केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एसएलडब्ल्यूएम पुरस्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत ऐसी ग्राम पंचायतों का चयन हो रहा है जो शत-प्रतिशत शौचालय युक्त हो। जिले के चंपावत विकास खंड के मैदानी क्षेत्र की ग्राम पंचायत ज्ञानखेड़ा की प्रधान और बीडीसी सदस्य ने स्वजल विभाग में ग्राम पंचायत के शत-प्रतिशत शौचालय युक्त होने का दावा किया गया है।
स्वजल के सामुदायिक विभाग विशेषज्ञ मो. आरिफ खान ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एसएलडब्ल्यूएम पुरस्कार मिलने के बाद ग्राम पंचायत को स्वच्छता की नई योजना के लिए विशेष बजट मिलेगा। ग्राम पंचायत में सोख्ता निर्माण, नाली निकासी, बर्मी कंपोस्ट और कूड़ेदान आदि का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायत के चयन से पूर्व एसएलडब्ल्यूएम की टीमें ग्राम पंचायत का सर्वे करेगी।
एक दर्जन परिवारों के बनवाए अस्थायी शौचालय
ग्राम प्रधान नीतू गोस्वामी का कहना है कि ग्राम प्रधान बनने के बाद उन्होंने ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया और इस दिशा में काम भी किया। शौचालय से वंचित एक दर्जन परिवारों के अस्थायी शौचालय बनवाकर ग्राम पंचायत को शत-प्रतिशत शौचालय युक्त बनाया है।
एक दर्जन परिवारों के पास नहीं थे शौचालय
बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी का कहना है कि मोहनपुर ग्राम पंचायत से कटकर बनी ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत में तीन सौ परिवार हैं। छह माह पूर्व तक ग्राम पंचायत के एक दर्जन परिवारों के पास शौचालय नहीं थे, लेकिन अब इन परिवारों द्वारा भी शौचालय बना लिए जाने से ग्राम पंचायत के सभी परिवार शौचालय सुविधा से युक्त हो गए हैं।