गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब में श्री गुरु गोविंद सिंह का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारे में 350वें प्रकाश पर्व को लेकर काफी धूम रही। देश विदेश के हजारों तीर्थ यात्रियों ने लधिया और रतिया नदी के संगम में पवित्र स्नान कर दरबार हाल में मत्था टेका। गुरुद्वारे में रागी जत्थों की ओर से दिन भर शबद-कीर्तनों का गायन जारी रहा और लंगर का प्रसाद भी बंटता रहा। श्रद्धालुओं को मीठे रीठे का प्रसाद बांटा गया।
गुरुद्वारे में खास लंगर का इंतजाम किया गया था। इसमें खीर, दाल, सब्जी, रोटी, चावल आदि शामिल था। गुरुद्वारे में आसपास के जिलों के अलावा बड़ी संख्या में तराई के सिख श्रद्धालु पहुंचे हुए थे, जबकि कई देशी और विदेशी सिख संगतें भी गुरुद्वारे में मत्था टेंकने पहुंची। इस मौके पर भगवान राम, कृष्ण राम, आदेश सिंह, सतनाम सिंह, भोला सिंह, विनोद रागी, दीवान राम आदि व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने श्रद्धालुओं को गुरुद्वारे के इतिहास और मीठे रीठे के प्रसाद के संबंध में जानकारियां दी।
टनकपुर। गुरुद्वारा सिंह सभा के तत्वावधान में गुरु गोविंद सिंह की याद गुरुद्वारे को बुधवार से ही विशेष रोशनी से सजाया गया था। बुधवार को गुरुद्वारे में देर रात तक शबद-कीर्तनों का दौर चला। मुंबई से आई टीम में शामिल गुरमीत सिंह, हरिहर सिंह ने देर रात और बृहस्पतिवार सुबह से दिनभर गुरुग्रंथ साहिब का अखंड पाठ और शबद-कीर्तन पेश किए। इसके बाद गुरु का अटूट लंगर लगाया गया। आयोजन में सूरजीत सिंह, मनमीत सिंह, वरियाम सिंह, भूपेंद्र सिंह सिम्पी, अमृतपाल सिंह, चुन्नी लाल भाटिया, स्वीटी सरदार आदि ने सहयोग दिया।