टनकपुर (चंपावत)। तीन माह तक चलने वाले मां पूर्णागिरि का सुप्रसिद्ध मेला शनिवार को यहां शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेंद्र पंवार की मौजूदगी में स्थानीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। पहली बार ठुलीगाड़ के बजाय बूम प्रवेश द्वार पर मेले का भव्य उद्घाटन हुआ। मेले के पहले ही दिन मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से पहुंचे करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने पहले दिन मां पूर्णागिरि के दर्शन किए। दो साल बादरेल सेवा शुरू होने से इस बार बड़ी संख्या में ट्रेन से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
पंद्रह जून तक चलने वाले मेले का शनिवार को मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय के पुरोहित्य में बूम प्रवेश द्वार पर भव्य उद्घाटन हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी की अध्यक्षता एवं सीएम के ओएसडी पंवार की मौजूदगी में विधायक गहतोड़ी ने पूजा-अर्चना के बाद फीता काटा। विधायक ने व्यवस्थाओं के लिए मंदिर समिति को शासन से अनुदान दिलाने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने भरोसा दिलाया कि मेले को भव्य रूप देने एवं विकास के लिए क्षेत्र की जनता की आवाज को वह मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने मेला प्रशासन से पार्किंग शुल्क की वसूली एवं बाल मुंडन स्थल पर भी सीसी कैमरे लगाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष राम दत्त जोशी ने भी विचार रखे। इस मौके पर उत्तराखंड के पारंपरिक छोलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एमडीएम स्कूल एवं कस्तूरबा गांधी छात्रावास की छात्राओं ने भी रंगारंग कार्यक्रम पेश किए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. अहमद इकबाल, एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल, मेला अधिकारी एएमए राजेश कुमार, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, ऊषा गुरूंग, भवानी टम्टा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री शिवराज सिंह कठायत समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इधर, शुक्रवार शाम से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। शनिवार सुबह दर्शन के लिए मुख्य मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। शाम तक करीब पचास हजार श्रद्धालु देवी के दर्शन कर चुके थे।
एक ही स्थान पर देना होगा पार्किंग शुल्क
टनकपुर। मां पूर्णागिरि के दर्शन को निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओें को इस बार एक ही स्थान पर पार्किंग शुल्क वहन करना पड़ेगा। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि भैरव मंदिर एवं बूम में पार्किंग शुल्क की अलग-अलग वसूली नहीं होगी। श्रद्धालुओें को अब सिर्फ बूम में भी पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा। पिछले वर्षों तक श्रद्धालुओें को बूम के अलावा ठुलीगाड़ बैरियर में भी भैरव मंदिर पार्किंग शुल्क देना पड़ता था, जिसे लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होती थी।
ठुलीगाड़ से आगे वाहन पास की व्यवस्था की खत्म
टनकपुर। निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओें को अब ठुलीगाड़ से आगे भैरव मंदिर तक जाने के लिए पास लेने की जरूरत नहीं है। गत वर्ष तक निजी वाहन से भैरव मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओें को राजस्व विभाग से वाहन पास हासिल करना होता था, लेकिन इस बार प्रशासन ने पास की यह व्यवस्था खत्म कर दी है।
मंदिर समिति ने लिफ्ट पेयजल योजना की मांग उठाई
टनकपुर। पूर्णागिरि मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र पंवार एवं विधायक कैलाश गहतोड़ी को ज्ञापन सौंपकर धर्मशाला बनाने के साथ ही पुजारियों को भूमि का मालिकाना हक देने की मांग की। इसके अलावा शारदा से लिफ्ट पेयजल योजना बनाने की भी मांग उठाई गई।
सीसी कैमरों की नजर में रहेगा समूचा मेला क्षेत्र
टनकपुर। पिछले कुछ वर्षों से सीसी कैमरे लगने से मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन को सुविधा मिल रही है। इस बार और अधिक संख्या में कैमरे लगाए गए हैं। इनमें करीब तीन कैमरे मंदिर समिति एवं प्रशासन ने लगाए हैं, जबकि प्रशासन की पहल पर इस बार करीब तीस दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों में भी सीसी कैमरे लगाए हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि सीसी कैमरों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था में काफी मदद मिलेगी।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने एसपी और एसडीएम पहुंचे
टनकपुर। मेला उद्घाटन कार्यक्रम के बाद विधायक कैलाश गहतोड़ी ने अधिकारियों के साथ भैरव मंदिर तक दौरा कर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विधायक एवं जिलाधिकारी तो भैरव मंदिर से लौट आए, लेकिन एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल और मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम अनिल चन्याल ने मुख्य मंदिर तक की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
जिपं अध्यक्ष के आग्रह पर बूम में घाट निर्माण की घोषणा
पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में जिपं अध्यक्ष ने जब अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर शामिल हुए उनके ओएसडी धीरेंद्र पंवार से क्षेत्र में विकास की कोई सौगात देने का आग्रह किया तो ओएसडी पंवार घबरा गए। उन्होंने दोबारा संबोधन कर मुख्यमंत्री की तरफ से बूम में स्नानघाट का निर्माण कराने की घोषणा की।