क्षेत्र में खड़ी और बैठकी होली की धूम मची हुई है। सुंई गांव में चल रही खड़ी होली में बड़ी संख्या में लोगों ने खड़ी होली का गायन किया।
‘झनकारो-झनकारो-झनकारो गोरी प्यारो लगे हो तेरा झनकारो’ होली गीत गाई गई। ‘तुम हो ब्रज की सुंदर गोरी, मैं मथुरा को मतवारो, होल्यार पिया को दिन मोरे यार, लाला बिन पिये होरी को खेले, हो सुमिरो सीता राम, रम भज, हर भज राधे, सीता राम को ब्याहुन सखियो चलो जनकपुर जाना है’ आदि होलियों के गायन में मस्त हैं। होल्यार राजेश चौबे, नवीन पुजारी, नवीन चौबे, लक्ष्मी दत्त खर्कवाल, रमेश चौबे, भुवन चौबे आदि ने होली के रंग बिखेरे।
विकासखंड बाराकोट के पम्दा गांव में भी खड़ी होली पूरे शबाब में पहुंच चुकी है। होल्यार नगेंद्र जोशी के नेतृत्व में होल्यारों ने ‘धन्य भयो यदुनंदन को, जिन युद्ध रचो कुरू क्षेतर को, कुरुक्षेतर कौरव पांडव को, अछ हां रे गिरधर, प्रीत लगाले सखियन से, तेरी चटल रसीली चाल गिरधर, प्रीत लगाले सखियन से, माधव की ललना लगी रही, कहो उद्धौ कब आय यहां, जबसे गए हरि मथुरा नगरी, हमें न भावे राज उद्धौ, दधि लूटो नंद के लाल, बेचन ना जइयो, घाट ही वाटमें ठाड़ो रहत है वो यशोदा को लाल’ आदि गीतों का गायन चल रहा है।
रायनगर चौड़ी के ऋषेश्वर मंदिर में ‘तेरे नैन रसीले यार, बालम प्रीति लगा दे नैनन से, गई असुर तेरी नार मंदोदरि सिया मिलन गई बागा में, दधि लूटो नंद के लाल प्यारे मोहनियां, तेरो हरिय पंख मुख लाल सुवा, बोलिय जन बोले बागा में’ आदि होलियों के गायन की धूम मची रही। रीठा साहिब, परेवा सहित लधिया घाटी में भी होली की धूम रही।