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गुड न्यूज : आरसेटी भवन के लिए मिली रकम, जल्द शुरू होगा काम

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आरसेटी निदेशक जनार्दन चिलकोटी। - फोटो : AMAR UJALA
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। बेरोजगारों की बढ़ती फौज, सरकारी सेवा के कम होते मौकों के बीच अब कोरोना महामारी का महासंकट। कोरोना के चलते पहाड़ों में रिवर्स पलायन की आहट तेज हो गई है। ऐसे में स्वरोजगार में मददगार भारतीय स्टेट बैंक के आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के लिए अच्छी खबर है। अब जूप में 10 नाली जमीन पर आरसेटी का अपना भवन बन सकेगा। 3.42 करोड़ रुपये से बनने वाली इस इमारत के लिए धन की व्यवस्था हो गई है। पौड़ी, बागेश्वर व अल्मोड़ा के बाद चंपावत प्रदेश में चौथा जिला होगा, जहां आरसेटी के पास अपना भवन होगा। आरसेटी कौशल विकास की सबसे बड़ी धुरी है, लेकिन बुनियादी ढांचे और खुद का आवासीय भवन न होना कई बार प्रशिक्षण में दुश्वारी पैदा करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता व कौशल विकास के लिए स्थापित आरसेटी को कौशल विकास से संबंधित तमाम गतिविधियों के संचालन के लिए नोडल एजेंसी है। आरसेटी के निदेशक जनार्दन चिलकोटी ने बताया कि 6 दिन से 45 दिन तक के रोजगारपरक प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को हुनरमंद बनाने वाली यह संस्था 70 फीसदी प्रशिक्षित लोगों को स्वरोजगार देती है। अभी किराये के भवन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि प्रशिक्षण के आवासीय भवन निर्माण के लिए बीएडीपी की अनुमोदित योजना के अतिरिक्त अलग से भेजे गए 1.82 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भारत सरकार की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये एनआईआरडी (राष्ट्रीय ग्रााम विकास संस्थान) से मिलेंगे, जबकि बैंक 60 लाख रुपये खुद खर्च करेगा। इस रकम से प्रशासनिक व प्रशिक्षण भवन के अलावा 48 बैड का बालक व 24 बैड का बालिकाओं का आवास बनेगा। ::: 119 शिविर में प्रशिक्षित हुए 3165 युवा ::: चंपावत। आरसेटी के निदेशक जनार्दन चिलकोटी का कहना है कि संस्थान कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई टेलरिंग के अलावा कृषि फार्मिंग, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, बकरी पालन, मौनपालन आदि का प्रशिक्षण दे रही है। 2011 से शुरू हुए चंपावत जिले के इस संस्थान में अब तक 119 प्रशिक्षण शिविर के जरिए 3165 युवाओं को प्रशिक्षण दे चुका है। इन प्रशिक्षित लोगों में से 2103 को स्वरोजगार दिया जा चुका है। इन स्वरोजगार कर रहे लोगों में से 1007 को विभिन्न बैंकों ने वित्तीय सहायता दी है। :::: दो वर्ष में सिर्फ 357 युवाओं को मिला रोजगार ::: चंपावत। जिले में 18 से 40 वर्ष आयु समूह के कुल 99629 युवाओं में से 24097 पंजीकृत बेरोजगार हैं। बीते दो सालों में निजी व सरकारी क्षेत्र में कुल 357 लोगों को ही रोजगार मिल सका है। रोजगार के कम होते अवसरों से स्वरोजगार सहारा बन रहा है।
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चंपावत में किराये में संचालित आरसेटी। - फोटो : AMAR UJALA
चंपावत में किराये में संचालित आरसेटी।
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