चंपावत। प्रदेश सरकार की ओर से संचालित गौरा देवी कन्या धन योजना से वंचित वर्ष 2017-2018 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कलक्ट्रेट और बाल विकास विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी हेमंत वर्मा के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
छात्राओं ने कहा कि सरकार इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली गरीब छात्राओं को गौरा देवी कन्या धन योजना का लाभ देती थी। लेकिन 2017-2018 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को योजना का लाभ आज तक नहीं मिल पाया है। इसको लेकर कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। 12वीं उत्तीर्ण करने वाली सभी छात्राओं ने उचित मानदंडों के अनुरूप आवेदन पत्रों को समय सीमा के भीतर जमा किया था।
जब छात्राओं ने समाज कल्याण विभाग से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने बाल विकास विभाग का रास्ता दिखा दिया। प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में गीता जोशी, मनीष मेहता, मनीष भट्ट, ज्योति पचौली, बबीता आर्या, लता लडवाल, पूजा गहतोड़ी, कंचन पंत, पलक चिल्कोटी, ज्योति जोशी, दीपा भंडारी, बबिता चिल्कोटी, सुमन, पूजा जोशी, पूजा विश्वकर्मा, नीरू तिवारी, पिंकी राय, नेहा जोशी, सुनीता, कविता, आरती माहरा आदि शामिल रही।
कोट
एक ओर सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर उन्हें समाज में पुरुष वर्ग के समकक्ष लाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं के अधिकारों का हनन कर रही है। जिस धनराशि की मदद से अनेक छात्राएं अपना भविष्य और शैक्षिक स्थिति सुधार सकती थी वह उन्हें मिली ही नहीं। - पूजा जोशी, छात्रा।
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गरीब माता-पिता ने जैसे तैसे उन्हें पढ़ाया लिखाया और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कराया। वर्तमान में कई छात्राओं की शादी हो गई है । लेकिन अभी तक माता-पिता की ओर से शादी के लिए लिया गया कर्ज तक नहीं उतरा है। मुख्यमंत्री को चाहिए कि सभी पात्र छात्राओं को धनराशि का भुगतान करें। - आशा सामंत, छात्रा।
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शासन की ओर से 2018 तक नंदा गौरा कन्या धन योजना में सात चरणों में पांच पांच हजार की धनराशि लाभार्थी को दी जाती थी। शासन ने वर्ष 2021 से इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार किया गया है। जो मानक पूरे करती हैं उन्हें धनराशि का भुगतान किया गया है। - आरपी बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास चंपावत।