चंपावत। जिले के खेतार उखेड़ा ग्राम पंचायत में वन विभाग पलायन रोकने के लिए महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा। विभाग क्षेत्र के महिलाओं को पिरूल से कोयला बनाने का प्रशिक्षण देगा। इसके लिए वन विभाग ने रूपरेखा तैयार कर कार्य शुरू कर दिया है।
यह पहली बार होगी जब वन विभाग महिलाओं को पिरूल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराकर वनाग्नि की रोकथाम का प्रयास करेगा। महिलाओं को पिरूल से कोयले बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें पिरूल एकत्रीकरण के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग नरसिंह डांडा क्षेत्र के खेतार उखेड़ा में पिरूल से कोयला बनाने का कारखाना स्थापित करने का काम कर रहा है। इससे महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिकी में सुधार करेगा। साथ ही कोयला क्रय में महिलाओं की मदद भी करेगा। संवाद
:::::::
हिमालयन बास्केट कंपनी से चल रहा है करार
चंपावत। पिरूल से उत्पादन होने वाले कोयले को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंपनी से विभाग की वार्ता चल रही है। कोयल के उचित दाम महिलाओं को दिलाने का प्रयास विभाग का रहेगा। विभाग ने जिले के उन स्थानों को चयनित किया जा रहा है, जहां अधिक मात्रा में चीड़ के जंगल पाए जाते हैं। अधिक मात्रा में चीड़ का उत्पादन हो सके। आने वाले समय में पहाड़ों पर लोगों को घर पर ही रोजगार मिल सके। संवाद
चीड़ के जंगलों में आग लगनी घटनाओं में भी मिलेगी मदद
चंपावत। फायर सीजन के दौरान चीड़ के जंगलों में आग लगने की घटनाएं हमेशा देखने को मिलती है। पिरूल से कोयले का उत्पादन किया जाता है तो वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार का अवसर पर मिलेगा। संवाद
::::::
जिले के खेतार उखेड़ा ग्राम पंचायत में वन विभाग की ओर से पहली बार पिरूल से कोयला बनाने की कवायद की जा रही है।लोगों को रोजगार के साथ-साथ जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को संसाधन उपलब्ध कराई जा रहे हैं।
आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत ।