जिला मुख्यालय से करीब 51 किलोमीटर दूर धूरा में शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीणों का धरना तीसरे दिन भी जारी है। महिलाएं नारेबाजी करते हुए धरना स्थल तक पहुंची। वक्ताओं ने लिखित आश्वासन के बाद ही आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।
रविवार को हेमा जोशी, ज्योति पाठक, कलावती जोशी, सरस्वती देवी, पूजा जोशी, लक्ष्मी देवी, भोला दत्त, कृष्णानंद, चंचल सिंह, ईश्वरी दत्त जोशी, राजेंद्र राणा, कैलाश चौड़ाकोटी, नारायण दत्त जोशी, राकेश चौड़ाकोटी, कमला जोशी, नीलावती देवी, रेखा देवी, स्वरूप राम, बृजमोहन, जसवंत, नवीन सिंह, गिरीश जोशी, धनंजय चौड़ाकोटी, राम सिंह राणा, लक्ष्मी दत्त पाठक आदि धरने पर बैठे।
धरना स्थल पर हुई सभा की अध्यक्षता पूर्व प्रधान इंद्रा सिंह राना और संचालन पंडित शंकर दत्त जोशी ने किया। डॉ.प्रकाश जोशी शूल ने कहा कि धूरा में शराब नहीं पानी, अस्पताल और स्कूल दो।
जिले में शराब की बस एक दुकान खुली
चंपावत जिले में शराब की 16 दुकानों में से महज एक दुकान ही खुली। जिला आबकारी अधिकारी दीपाली शाह ने बताया कि दैनिक आधार पर दस दुकानों सहित कुल 13 दुकानों को खोले जाने के लिए राजस्व प्राप्त हुआ है, लेकिन निकासी नहीं होने से सोमवार को सिर्फ टनकपुर की अंग्रेजी की दुकान खोल सकी। बताया गया कि पाटी, बनबसा व टनकपुर की अंग्रेजी शराब की दुकान के अलावा दस दुकानें आवंटित हो चुकी है। अब सिन्याड़ी, सूखीढांग और देवीधुरा की तीन दुकानें ही नहीं उठ सकी है। विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।