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चंपावत में कूड़े के ढेर में लगी आग, फैला धुआं

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चंपावत के कूड़ेघर में लगी आग से उठा धुआं। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। यहां से चार किमी दूर सेलाखोला के पास कूड़े के ढेर में लगी आग से आसपास के इलाके में धुआं फैल गया है। इसके चलते आसपास के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पालिका का कहना है कि आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अलबत्ता खबर लिखे जाने तक कूड़े के नीचे लगी आग नहीं बुझ पाई है।
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ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने से चंपावत क्षेत्र का कूड़ा चंपावत-खेतीखान मार्ग पर सेलाखोला में फेंका जा रहा है। बुधवार सुबह से कूड़ाघर में लगी आग से आसपास के क्षेत्र में धुआं और धुंध छा गई। इससे तपिश बढ़ने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। दुर्गंध और धुएं की वजह से इस मार्ग से आवाजाही करने वालों को भी दिक्कत हो रही है। इधर नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार का कहना है कि आग किसने लगाई, यह पता नहीं चल सका है। अलबत्ता आग कूड़ेघर के एक हिस्से में लगी है। पालिका इस पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। इस कूड़ेघर में पिछले दो वर्ष में आठ बार आग लग चुकी है। सेलाखोला वन पंचायत के सरपंच और राज्य वन पंचायत परिषद के सदस्य कैलाश अधिकारी ने कहा कि आग से धुंध के साथ ही आसपास की हरियाली भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने आग पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
खतरनाक है कूड़े में लगी आग का धुआं: सीएमओ
चंपावत। आग के धुएं और धुंध से निकलने वाली हानिकारक गैसें छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए खतरनाक है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि इससे लोगों में बेचैनी के अलावा सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी के खतरे बढ़ रहे हैं। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस जंगपांगी का कहना है कि धुएं से मवेशियों में बेचैनी होती है और उनकी सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती है। (ब्यूरो)
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