लोहाघाट कोयाटी के पास जंगल में आग लगने की सूचना पर पहुंचे फायर कर्मी।
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लोहाघाट (चंपावत)। जंगलों में वन विभाग द्वारा की जा रही कंट्रोल बर्निंग (फुकान) की सूचना अग्निशमन विभाग को न देना मुसीबत बना। शनिवार को कलीगांव के पास जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि ये आग नहीं, बल्कि कंट्रोल बर्निंग है। इस पूरी कवायद में अग्निशमन दस्ता करीब डेढ़ घंटे तक परेशान रहा।
हुआ यह कि शनिवार को किसी व्यक्ति ने कलीगांव के पास जंगल में आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग को दी। अग्निशमन की टीम अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में मिनी फायर टेंडर वाहन के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। तो देखा कि मौके पर खुद वन विभाग के कर्मी हैं। पूछताछ में वन कर्मियों ने बताया कि जंगल में पेड़ों की गिरी पत्तियों, सूखी लकड़ियों को एकत्र कर फुकान किया जा रहा है। एफएसओ ने बताया कि वन विभाग ने अग्निशमन विभाग को जंगल में फुकान की सूचना न देने से वक्त की बर्बादी के साथ परेशानी उठानी पड़ी। अग्नि दस्ते में सलामत जान, प्रमोद कुमार, भूपेेंद्र बिष्ट, पूरन गिरी, कुंदन गिरी शामिल थे।
इधर लोहाघाट के वन क्षेत्राधिकारी दीप जोशी का कहना है कि आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए डैंसली वन पंचायत में गिरी पत्तियों, लकड़ियों का फुकान किया जा रहा है। स्टाफ ने फुकान की सूचना उन्हें (रेंजर को) नहीं दी थी। कहा कि आगे से जहां भी फुकान किया जाएगा, उसकी सूचना अग्निशमन विभाग और प्रशासन को दी जाएगी।