यदि इरादे मजबूत हों तो अक्षमता को भी पीछे छोड़ा जा सकता है। मनिहारगोठ निवासी धावक रियासत हुसैन ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। एक हाथ कमजोर होने के बाद भी रियासत ने हौसले को नहीं डगमगाने दिया।
आगे बढ़ने की ललक ने उसे राजस्थान में हुई 17वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप तक पहुंचाया और 100 मीटर फर्राटा रेस में कांस्य पदक लेकर लौटा। अब वह दिल्ली में होने वाली पैरा इंटरनेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी कर रहा है।
रियासत ने बताया कि राजस्थान के जयपुर में मान सिंह सवाई खेल मैदान में 31 मार्च से चार अप्रैल तक हुई प्रतियोगिता में 29 राज्यों के अलावा आर्मी सर्विसेज खिलाड़ियों ने भी भाग लिया था। उसने हिम्मत नहीं हारी। कुछ करने के जुनून के साथ 400, 200 और 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया। 100 मीटर फर्राटा दौड़ में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस दौड़ में पैरा ओलंपियन और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी भी दौड़े थे। रियासत इससे पहले भी दिल्ली, हरियाणा, पंचकुला, बंगलूरू आदि में भी कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुका है।
जेबलिंग थ्रो में कांस्टेबल राजेंद्र को चौथा स्थान
कोतवाली में तैनात कांस्टेबल राजेंद्र भट्ट जेबलिंग थ्रो में पदक से एक कदम दूर रह गए। उन्होंने झझरिया पैरा ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता सुंदर सिंह गुर्जर को कड़ी टक्कर दी मगर चौथे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा।