चंपावत। पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना से प्रीमियम की राशि से भी कम रकम की क्षतिपूर्ति मिलने से किसान और सहकारी समिति के प्रतिनिधि भड़क गए हैं। समिति के अध्यक्ष और संचालकों ने बृहस्पतिवार को बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को सहकारिता समिति के कार्यालय तलब कर उनसे बीमा का पूरा ब्योरा देने की मांग की है।
कहा कि नुकसान होने पर बीमा के रूप में किसानों की मिली रकम बेहद कम है और इससे उनके नुकसान की पूर्ति होना तो दूर, प्रीमियम की राशि की भरपाई ही नहीं होती है।
पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत पांच (फ्रेंचबीन, मिर्च, आलू, टमाटर और अदरक) फसलों का बीमा कराया जाता है। इसके तहत पिछले साल चंपावत क्षेत्र की समितियों से जुड़े 986 काश्तकारों ने बीमा की प्रीमियम के लिए 21.53 लाख रुपये दिए, लेकिन उन्हें नुकसान की भरपाई के तौर पर महज 14.26 लाख का भुगतान हुआ। चंपावत समिति के अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी, धूरा के महेश चौड़ाकोटी, कोट अमोड़ी के ईश्वरी दत्त भट्ट, अंबादत्त फुलारा, मथुरादत्त जोशी, हरीश जोशी आदि ने कहा कि मौसम की गड़बड़ी से हुए भारी नुकसान के बावजूद नाम मात्र की राशि देकर उनके साथ छलावा किया गया है। इंसाफ नहीं मिला, तो अदालत का दरवाजा खटखटाने पर विचार किया जाएगा।
इधर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संजय चौधरी का कहना है कि नुकसान के आधार पर बीमा राशि का भुगतान किया गया है। नुकसान का आकलन स्वचालित मौसम स्टेशन की रिपोर्ट से होता है। फिर भी प्रतिनिधियों को कोई आपत्ति है, तो उन्हें पूरा ब्योरा देकर संतुष्ट किया जाएगा।