चंपावत जिले में आपात सेवा 108 ईंधन के बगैर खड़ी है। जहर खाने वाले एक गंभीर मरीज को हायर सेंटर सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस के लिए शुक्रवार दोपहर समस्या का सामना करना पड़ा। परिजनों को खुद ईंधन डलवाकर और खुशियों की सवारी से चालक की व्यवस्था कर एंबुलेंस सेवा मिल सकी। इस कवायद में तीन घंटे से अधिक का समय लग गया।
शुक्रवार सुबह चंपावत के नरियालगांव के एक युवक की जहर खाने से तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि हालात में सुधार नहीं होने पर मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया। युवक के परिजनों ने आपात चिकित्सा सेवा 108 को कॉल की। परिजनों का कहना है कि दो घंटे तक 108 सेवा को भेजने की बात कही जाती रही।
बाद में ईंधन की कमी और ड्राइवर नहीं होने की बात कहते हुए 108 सेवा भेजने से इनकार कर दिया। मरीज के परिजनों ने चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी के प्रतिनिधि दीपक मुरारी को फोन किया। विधायक प्रतिनिधि के फोन के बाद विभाग हरकत में आया। इसके बावजूद मरीज के तीमारदारों को ईंधन खुद भरवाना पड़ा।
108 सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना था कि ईंधन की कमी से मरीज के तीमारदारों से ईंधन भरवाया गया। वहीं 108 एंबुलेंस के ड्राइवर की पत्नी की एकाएक तबियत बिगड़ने से चालक भी उपलब्ध नहीं था। काफी देर तक मशक्कत के बाद खुशियों की सवारी के ड्राइवर के जरिए 108 एंबुलेंस को हायर सेंटर के लिए भेजा गया।
ईंधन की कमी से हायर सेंटर जाने की स्थिति में नहीं हैं पांचों एंबुलेंस
चंपावत जिले की पांचों (चंपावत, लोहाघाट, पाटी, रीठा साहिब और टनकपुर) 108 आपात सेवा वाहनों के हाल बेहद खराब हैं। ईंधन की कमी या दूसरे कारणों से इनमें से एक भी लंबी दूरी तय करने की स्थिति में नहीं है। आपात सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि इसके चलते ये सभी आपात सेवा महज 15 किमी की दूरी ही तय कर पा रही हैं। ईंधन की व्यवस्था के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया गया है। ब्यूरो