खतेड़ा के दो दिवसीय सतचूली महोत्सव का देवी रथ यात्रा द्वारा मंदिर की परिक्रमा के बाद समापन हुआ। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया। बृहस्पतिवार रात को खतेड़ा गांव के देवी खल में देवी जागरण हुआ। लोक देवताओं ने अवतरित होकर लोगों के कष्टों का निवारण किया।
शुक्रवार सुबह से मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। दोपहर बाद खतेड़ा गांव से मुख्य मंदिर तक मां भगवती की भव्य डोला यात्रा निकाली गई। तीन किमी दुर्गम रास्तों को पार करते हुए देवी रथ यात्रा सतचूली मंदिर में पहुंची। देवीरथ में सवार मां भगवती के डांगर दिलीप सिंह और कालिका के डांगर चंद्रकांत चिल्कोटी चंवर झुलाते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे। जबकि बिल्वा बेताल के रूप में रमेश सिंह रावत, कालेशन के रूप में धीरेंद्र सिंह बोहरा, सिद्धबाबा के रूप में खड़क सिंह रावत, कैलपाल बाबा के रूप में सुनील रावत ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
नि:संतान महिलाओं ने देवीरथ के नीचे से गुजरकर संतान प्राप्ति की कामना की। देवी रथ के साथ गंगनौला, नसखोला, खतेड़ा, काफली, नाकोट, पोखरी बोरा, किमतोली, ठांठा सुदर्का आदि गांवों की महिला-पुरुष मां भगवती की जय-जयकार करते हुए चल रहे थे। महोत्सव के आयोजन में दान सिंह बोहरा, नाथ सिंह रावत, ग्राम प्रधान महेश डांगी, खड़क सिंह बोहरा, भवान सिंह रावत, प्रदीप चंद्र शास्त्री, गिरीश चंद्र चिल्कोटी, हयात सिंह, दीपक जोशी, अमर सिंह, माधो सिंह, एलएम जोशी, डॉ. सुधाकर जोशी आदि ने सहयोग किया।