पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का लगातार बनी है। मेला प्रशासन ने 18 अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्र की तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस महकमा सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने में जुट गया है।
तीन मार्च से शुरू हुए मेले में उत्तर भारत समेत देश के कोने-कोने से श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की आवक से पूर्णागिरि मेला क्षेत्र के अलावा टनकपुर, बनबसा एवं पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव और महेंद्रनगर में भी रौनक बनी है। 18 अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों में श्रद्धालुओं की भारी संख्या में उमड़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर मेला प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।
मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि मेले में यातायात, पार्किंग, पथ प्रकाश, सुरक्षा आदि व्यवस्थाओं को नवरात्र से पूर्व दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को लेकर आने वाले भारी वाहनों को बूम पार्किंग स्थल से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं वन्य जीवों के खतरे को देखते हुए रात के वक्त पूर्णागिरि मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वाहनों का दबाव नियंत्रित करने को पार्किंग के लिए कई स्थान तय किए गए हैं। पुलिस को पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त फोर्स तैनात करने के साथ ही विद्युत ठेकेदार को पथ प्रकाश और जलसंस्थान को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है।