राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) 16 नवंबर से बनाए जाएंगे। एनपीआर में नाम दर्ज होने के बाद नागरिकता कार्ड जारी किए जाएंगे। सभी नागरिकों का डाटा भारत सरकार की वेबसाइट पर डाला जाएगा। एनपीआर में हर नागरिक का आधार नंबर समेत पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके लिए प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन का काम करेंगे।
शनिवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एनपीआर में नए परिवार और सदस्यों को जोड़ने के साथ ही विस्थापित हुए परिवारों का पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए 29 अक्तूबर को मास्टर ट्रेनरों के जरिए चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि 2011 की जनगणना में शामिल प्रगणकों का एनपीआर बनाने के लिए चयन किया जाएगा।
एनपीआर में सभी नागरिकों हस्ताक्षर या अंगुठे के निशान, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर दर्ज करने के निर्देश दिए। आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने पर ईआईडी नंबर अंकित करने को कहा। बैठक में एसडीएम जेएस राठौर, सीएस डोभाल, टनकपुर के एसडीएम नरेश दुर्गापाल, पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी एनसी पाठक आदि थे।