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दस समस्याएं दर्ज, एक सप्ताह में समाधान के निर्देश

Mon, 25 Jun 2018 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
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चंपावत जिला सभागार में जन सुनवाई दिवस पर समस्याएं सुनते डीएम - फोटो : अमर उजाला
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कलक्ट्रेट में आग लगने का प्रत्येक सोमवार को होने वाले जन सुनवाई दिवस पर कोई असर नहीं पड़ा। डीएम डा.अहमद इकबाल की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में दस शिकायतें पंजीकृत की गईं। डीएम ने अधिकारियों को एक सप्ताह में समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिए हैं।
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जन सुनवाई दिवस में मझेड़ा में सड़क चौड़ीकरण के डंपिंग जोन से भवनों को खतरा होने, पुनेठी के हीरा बल्लभ जोशी ने पेयजल उपलब्ध कराने, महेश चौड़ाकोटी ने चंपावत कालेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी लाल सिंह प्रथोली के नाम रखने, खेमनाथ गोस्वामी ने जूप में उनकी भूमि को बेचने से बचाने, दीपा देवी ने ढ़कना बडोला में सड़क निर्माण से भवन को खतरा होने के साथ अन्य संगठनों ने पाटी में पेयजल के लिए और टैंकर लगाने, मुख्यमंत्री राहतकोष से आर्थिक सहायता दिलाने और समाज कल्याण की पेंशन स्वीकृत करने, सड़क निर्माण से खतरे में आए भवन के लिए सुरक्षा दीवार बनाने, एनएच डंपिंग जोन और चौड़ीकरण से खतरे में आए भवनों में सुरक्षा उपाय करने आदि से संबंधित समस्याएं दर्ज कराई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को अगले सोमवार तक सभी शिकायतों पर कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। वहां परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, सीवीओ डॉ.बीएस जंगपांगी, डीएचओ एनके आर्या, सीएओ एस कुमार, अर्थ संख्याधिकारी एनबी बचखेती, लोनिवि ईई बीसी पंत, डीडी भट्ट, जल संस्थान के ईई अशोक कुमार आदि थे।


डीएम ने पीएमजीएसवाई अभियंताओं को लगाई लताड़
चंपावत। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा बैठक में आधी अधूरी तैयारियों के साथ पहुंचे पीएमजीएसवाई के अभियंताओं को डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने लताड़ लगाई। उन्होंने विभागीय कार्यों की पूरी जानकारी न होने पर फटकार लगाते हुए आगामी बैठकों में विभाग के कार्यों की पूरी जानकारी और डाटा डायरी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।
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सोमवार को हुई बैठक में डीएम ने पीएमजीएसवाई की ओर से निर्मित की जा रही खटोली मल्ली-बैला, धौन-दियूरी-बजौन, ललुवापानी-नघान, लधौली-दुबचौड़ा, सिप्टी-अमकड़िया आदि सड़कों की विस्तृत जानकारी चाही। इसका संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को उपलब्ध धनराशि का उपयोग उसी कार्य में करने के निर्देश दिए जिसके लिए धनराशि रखी गई है। डीएम ने सभी अधिकारियों को चेताया कि जांच के दौरान कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता नहीं होगी तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहां परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, डीएचओ एनके आर्या, सीएओ एस कुमार आदि थे।
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