वन विभाग ने पुलिस की मदद से बंगाली कॉलोनी में अतिक्रमण कर निर्मित किए गए तीन निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमणकारी विरोध करते रहे लेकिन वन विभाग की टीम नहीं मानी और जेसीबी से अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए। इस दौरान अतिक्रमणकारियों और वन विभाग के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव के निर्देश पर शारदा रेंज के रेंजर महेश सिंह बिष्ट शुक्रवार सुबह वन विभाग और पुलिस फोर्स को लेकर बंगाली कॉलोनी पहुंचे और वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए दो पक्के शौचालयों और एक टिनशेड को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। वन विभाग की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से कॉलोनी में अफरा-तफरी मची रही।
अतिक्रमणकारियों ने निर्माण ध्वस्त करने का कड़ा विरोध किया। महिलाओं ने जेसीबी के आगे खड़े होकर विरोध किया लेकिन वन कर्मी नहीं माने। महिला पुलिस की मदद से महिलाओं को हटवाकर अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए गए हैं।
टीम में डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत, वन दरोगा दान सिंह भाकुनी, वन रक्षक राकेश साह, पुलिस उप निरीक्षक नीशू गौतम, एसआई गीता गोला, एसआई राम सिंह राणा, एसआई मनोज कुमार आदि शामिल थे। रेंजर बिष्ट ने बताया कि फिलहाल वन भूमि पर नए अतिक्रमण हटाए गए हैं और फिर अतिक्रमण का प्रयास हुआ तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बगैर सूचना के निर्माण तोड़ने से गुस्सा, कोर्ट जाएंगे
बंगाली कॉलोनी में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण ध्वस्त किए जाने से कॉलोनी के लोगों में गुस्सा है। उन्होंने विभाग पर बगैर पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण में जाने का निर्णय लिया है। सुकुमार राय ने बताया कि वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में कॉलोनी के लोगों ने बैठक कर यह निर्णय लिया है।
बैठक में गोविंद सरकार, जगबंधु राय, सावित्री राय आदि मौजूद थे। इधर रेंजर महेश सिंह बिष्ट का कहना है कि बंगाली कॉलोनी की भूमि रिजर्व वन भूमि है। अपनी भूमि पर अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने से पूर्व नोटिस देने का कोई औचित्य नहीं है। डीएफओ मजिस्ट्रेटी पावर है और उनके आदेश पर ही कार्रवाई की गई है।
नकपुर की बंगाली कॉलोनी में अतिक्रमण हटाते वन कमियों का विरोध करती महिला।- फोटो : TANAKPUR