क्षेत्रीय प्रबंधक का घेराव कर कक्ष के दरवाजे पर प्रदर्शन करते वन निमग कर्मी।
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एसीपी ग्रेड पे में की गई कटौती के खिलाफ आंदोलित वन निगम कर्मचारियों ने शनिवार को निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एमपीएस रावत का घेराव कर प्रदर्शन किया। मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। बाद में एसडीएम अनिल गर्ब्याल और सीओ नरेश चंद की मौजूदगी में क्षेत्रीय प्रबंधक से हुई वार्ता में कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि वेतन में की गई कटौती वापस नहीं लिए जाने तक वे अपना वेतन नहीं लेंगे। इधर क्षेत्रीय प्रबंधक रावत ने कहा कि कर्मचारियों की मांग से शासन को अवगत कराते हुए प्रस्ताव भेजा गया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद निगम के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के वेतन में शासन द्वारा की गई कटौती के खिलाफ कर्मचारी उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 6 मार्च से आंदोलित हैं। शनिवार को निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक रावत के निगम कार्यालय में आने का पता चलते ही कर्मचारियों ने कार्यालय पहुंच कर उनका घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर एसडीएम और सीओ के अलावा कोतवाल चंद्रमोहन सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि वेतन में कटौती के बाद उप लौगिंग अधिकारी का वेतन ग्रेड पे 8700 से घटाकर 5400 तो लौगिंग सहायक और स्केलर का वेतन 54 से घटाकर 2000, स्केलर का 5400 से घटाकर 2000 और वन उपज रक्षक का वेतन ग्रेड पे 2800 से घटाकर 1900 रुपये कर दिया गया है।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया इसके बाद कर्मचारी शांत हुए। वार्ता में डीएसएम महेश चंद्र आर्या, लौगिंग प्रबंधक टी भार्गवाचार्य आदि मौजूद थे। प्रदर्शन में वन विकास कर्मचारी संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष गिरीश चंद्र सिंह, प्रांतीय महामंत्री लाल सिंह नेगी, एसडी कपडवाल, पीएल कंडवाल, दिवान सिंह बिष्ट, नाथ सिंह अधिकारी, जीसी पंत, संजय शुक्ला, बहादुर बिष्ट, रमेश बोरा आदि शामिल थे।