फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं का उत्पादन और बिक्री भी, पर सरकारी खरीद केंद्रों में नहीं आता गेहूं

Sat, 09 Mar 2019 11:30 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)
विज्ञापन
wheat-farm
विज्ञापन

जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में गेहूं की पैैदावार भी होती है और किसान थोड़ा बहुत गेहूं बेचते भी है, लेकिन सरकारी गेहूं क्रय केंद्र किसानों को अपनी ओर नहीं खींच पा रहे हैं। बीते पांच सालों में चार सालों तक शून्य रही खरीद का रिकार्ड पिछले साल बनबसा क्रय केंद्र ने तोड़ा था, जबकि टनकपुर क्रय केंद्र में पिछले पांच सालों से एक दाना गेहूं की खरीद नहीं हुई है। इस बार भी टनकपुर और बनबसा में आगामी एक अप्रैल से गेहूं क्रय केंद्र खोलने की तैयारी चल रही है। 

विज्ञापन


टनकपुर और बनबसा में करीब 6900 हेक्टेयर एरिया में गेहूं की फसल होती है, जिसमें करीब 8000 मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है। बावजूद इसके किसान खरीद केंद्रों में गेहूं नहीं बेचते। किसानों का कहना है कि कम दाम और भुगतान मिलने में देरी की वजह से सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय खुले बाजार में गेहूं बेचना ज्यादा सुविधाजनक रहता है।

खुले बाजार में गेेहूं की कीमत सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक भी मिलती है। गत वर्ष बनबसा क्रय केंद्र में 2492  क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि टनकपुर क्रय केंद्र में लगातार पांच सालों से गेहूं खरीद का खाता नहीं खुल रहा है। हालांकि इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य पिछले साल की अपेक्षा 105 रुपये ज्यादा 1840 रुपये प्रति क्विंटल किया है।
विज्ञापन


अब देखना यह है कि गेेहूं के दाम बढ़ने का क्रय केंद्रों में गेहूं खरीद का ग्राफ बढ़ पाता है या नहीं। सहकारिता विभाग के जिला सहायक निबंधक पान सिंह राणा का कहना है कि इस बार एक अप्रैल से गेहूं खरीद केंद्र खोले जाएंगे जो, जून तक खुले रहेंगे। 
विज्ञापन

   
गेेहं खरीद का वर्षवार आंकड़ा  
वर्ष      खरीद ( क्विंटल)       दाम (रुपए प्रति  क्विंटल)
2014        000                  1400 
2015        000                  1450 
2016        000                  1525 
2917        000                  1625 
2918       2492                  1735 
2019 एक अप्रैल से होगी खरीद    1840

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें