चंपावत। जिले में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम-2015 के तहत प्रवर्तकता एवं पालन-पोषण देखभाल अनुमोदन समिति की ओर से प्रवर्तकता सहायता (इस्पांसरशिप) के लिए प्राप्त आठ आवेदनों को साक्षात्कार के बाद स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी आरएस सामंत की अध्यक्षता में हुई चयन समिति ने साक्षात्कार के बाद आठ बालक-बालिकाओं को चयनित किया गया। जिला विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी दिवाकर शर्मा ने बताया कि समेकित बाल संरक्षण योजना में जिला स्तर पर ऐसे बालक-बालिकाओं का बाल संरक्षण के सशक्त परिवेश निर्माण के लिए तीन वर्ष तक दो हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिनके माता-पिता अथवा कोई अभिभावक न हो। साक्षात्कार समिति ने हिमांशी बोहरा, अंकिता बोहरा, गौरव पुनेठा, हिमांशी पुनेठा, चंद्रा आर्या, हेमा आर्या, गायत्री और भावना के आवेदन पत्रों को स्वीकृति प्रदान की है। साक्षात्कार समिति में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सतीश जोशी भी शामिल रहे।
15 बालक-बालिकाओं को दिया जा रहा है लाभ
चंपावत। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत ने बताया कि जिले में वर्तमान में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस्पांसरशिप योजना के तहत 18 वर्ष की आयु तक के 15 बालक-बालिकाओं को लाभ दिया जा रहा है। जबकि योजना के तहत लाभ पाने के लिए लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। संवाद