अतिक्रमण हटाने आई एसडीएम को व्यापारियों के भारी विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल एसडीएम मोटर स्टेशन पर स्थायी रूप से लगे फड़ और रेहड़ी वालों को हटाने आई थी। वहीं, व्यापारियों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गलत है।
बृहस्पतिवार अपरान्ह एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने मोटर स्टेशन पर स्थायी रूप लगे फड़ और रेहड़ी व्यवसायियों को हटाने का एनाउंस किया। इससे इन व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, उपाध्यक्ष दीपक लारा, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी, ललित मोहन गोस्वामी समेत कई व्यापारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि एक तरफ तो पालिका इन व्यापारियों से तहबाजारी वसूलती है। दूसरी तरफ उनके प्रतिष्ठानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
इन व्यापारियों का यह भी कहना था कि ये व्यापारी वर्षों से खोखा और फड़ लगा कर आजीविका चला रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि स्थायी रूप से लगे खोखे और फड़ को हटाने के लिए प्रशासन समय भी नहीं दे रहा है। काफी देर तक हुई नोकझोंक के बाद एसडीएम बगैर अतिक्रमण हटाए लौट गईं।
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वेंडर एक्ट के तहत खोखा और फड़ व्यापारियों को अलग स्थान पर दुकानें खोलने का प्रावधान है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। खोखा फड़ व्यवसायियों को इससे पूर्व कई बार अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया है। -अभिनव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका।
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मोटर स्टेशन में स्थायी रूप से लगे खोखा और फड़ों को हटाने को कहा गया था। इसका व्यापारियों ने विरोध किया। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिकारियों को अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिन्हिकरण के बाद अतिक्रमण होने पर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। -सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम।