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योजना तो बनी लेकिन हस्तांतरण का इंतजार

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पुलहिंडोला का ट्यूबवेल। - फोटो : CHAMPAWAT
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गुमदेश के पुलहिंडोला की ट्यूबवेल योजना पूरी होने के बावजूद हस्तांतरित नहीं हो सकी है। सीएम पोर्टल में शिकायत करने पर इसे 10 नवंबर तक हस्तांतरित करने का भरोसा दिलाया गया था लेकिन निर्धारित तिथि से 24 दिन अधिक बीतने के बावजूद योजना का जल संस्थान को हस्तांतरण नहीं किया जा सका है। इससे ग्रामीणों को पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
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गंभीर पेयजल संकट से जूझने वाले पुलहिंडोला क्षेत्र के लोगों के संघर्ष के बाद 2014 में यहां ट्यूबवेल मंजूर हुआ था। इस योजना के स्वीकृत होने से पूर्व तक पुलहिंडोला के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए छह हैंडपंप थे। 1.27 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत ट्यूबवेल के निर्माण कार्य में सिविल वर्क, पेयजल लाइनें बिछाने, टैंक निर्माण और पंप सैट लगाने आदि का कार्य जून में ही पूरा हो चुका था। इसके बाद भी योजना हस्तांतरित नहीं हुई।
पुलहिंडोला के सामाजिक कार्यकर्ता नुकूल पंत ने इस मामले को 4 जून को तहसील दिवस में और फिर मुख्यमंत्री पोर्टल में उठाया। सीएम पोर्टल में सुनवाई के बाद योजना को 10 नवंबर तक जल संस्थान को हस्तांतरित करने की बात कही गई थी। इसके बावजूद योजना अब तक हस्तांतरित नहीं हुई है। योजना के हस्तांतरण के बाद ही जल संस्थान ग्रामीणों को पेयजल कनेक्शन जारी करेगा। योजना से पुलहिंडोला के अलावा डुंगडाई और बिल्दे गांव के लोग भी लाभान्वित होंगे।
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पुलहिंडोला ट्यूबवेल योजना के हस्तांतरण के लिए जल संस्थान के साथ निगम का संयुक्त मुआयना हुआ था। जल संस्थान ने कुछ छिटपुट खामियां बताई थीं जिन्हें दूर कर दोबारा संयुक्त निरीक्षण भी किया जा चुका है। जल्द ही योजना हस्तांतरित हो जाएगी।
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एमएस मनराल, सहायक अभियंता, उत्तराखंड पेयजल निगम।
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