लोहाघाट अस्पताल की खराब एक्सरे मशीन।
- फोटो : amar ujala
केंद्र सरकार ने 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने के लिए आयुष्मान योजना शुरू की। चंपावत जिले की स्वास्थ्य सेवा का हाल यह है कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत चयनित तीन सरकारी अस्पतालों में से दो में एक्सरे की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। वहीं एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।
मशीन की खामी और तकनीशियनों के नहीं होने से ये मशीन किसी काम की नहीं है। लोगों को एक्सरे कराने के लिए निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
चंपावत में आयुष्मान योजना के तहत चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और टनकपुर संयुक्त अस्पताल को शामिल किया गया है। इस वक्त जिला अस्पताल को छोड़ कहीं भी एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
जिले के एक्सरे मशीन वाले शेष तीन अस्पताल में लंबे समय से अलग-अलग कारणों से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। टनकपुर में तकनीशियन और डार्क रूम सहायक दोनों पद रिक्त होने से 15 जनवरी से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। पाटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी पद रिक्त होने से एक साल से यह सुविधा नहीं है।
लोहाघाट अस्पताल में एक्सरे तकनीशियन है लेकिन मशीन खराब है। विभाग के पास खराब मशीन को ठीक करने के लिए 90 हजार रुपये की रकम नहीं हैै। वहीं टनकपुर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी धूल फांक रही है। डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत ने बताया कि लोहाघाट की एक्सरे मशीन की मरम्मत के लिए धन की व्यवस्था चिकित्सा प्रबंधन समिति कोष से करने को कहा गया है।
वहीं टनकपुर और पाटी अस्पतालों के लिए एक्सरे तकनीशियन की व्यवस्था के लिए महानिदेशालय से आग्रह किया गया है। डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
डॉक्टरों के बगैर कैसे हो इलाज
टनकपुर संयुक्त अस्पताल में 14 डॉक्टरों के सापेक्ष महज आठ डॉक्टर हैं। वहीं लोहाघाट में 11 डॉक्टरों के स्थान पर महज छह से काम चल रहा है। पाटी अस्पताल में अकेले प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह ही सारी व्यवस्थाएं चला रहे हैं।