पीपीपी मोड में तैनात डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ का दो माह का वेतन न दिए जाने के विरोध में किया जा रहा कार्य बहिष्कार बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। अलबत्ता डा.मंजीत सिंह, डा.जितेंद्र जोशी, डा.केसी ततराड़ी आदि रोगियों को राहत देते रहे। इस बीच होम्योपैथिक चिकित्सा कक्ष में रोगियों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
पैरा मेडिकल स्टाफ के नवीन खाती, याशमीन, ज्योत्सना, मंजरी, रंजीता, गीता, मीनाक्षी, कमला, लक्ष्मी आदि का कहना था कि प्रबंधन उन्हें पहले से ही बहुत कम मानदेय दे रहा है। इस संबंध में उन्होंने सीएमओ से हस्तक्षेप कर अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत देने की मांग की। सीएमओ का कहना था कि वे प्रबंधन को उनकी भावनाओं से अवगत कराएंगे। इधर, प्रबंधन की ओर से ट्रेजरी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण वेतन भुगतान न होने की बात झूठी निकलने से पैरा मेडिकल स्टाफ के लोग भड़क गए हैं। हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनका दो माह का अवशेष वेतन नहीं मिलता है, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। अलबत्ता वे आपात सेवा देते रहेंगे।
एफआईआर के बयान से मुकरे सीएमएस
नववर्ष पर नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में हड़ताली डॉक्टरों के विरुद्ध आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने का निर्णय लिया था, जिसमें सीएमएस डा.मंजीत सिंह ने शीघ्र कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन अब सीएमएस ने यू टर्न ले लिया है। कहा जा रहा है कि अभी सभी डॉक्टर आपात सेवा दे रहे हैं। उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अभी समय नहीं है।