टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बारहमासी मार्ग के खतरे वाले पेड़।
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बारहमासी मार्ग पर जगह-जगह जानलेवा खतरों को लेकर आगाह करने को अमर उजाला की ओर से 27 फरवरी से चलाए अभियान का असर हुआ है। प्रशासन ने ऐसे खतरों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए हैं। तिलौन, बाराकोट में पेड़ों को निस्तारित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
डीएम रणवीर सिंह चौहान का कहना है कि जहां जरूरी होगा वहां आपदा अधिनियम की धारा के तहत पेड़ों को निस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा लगातार भूस्खलन वाले स्थानों पर कटाव से बचाव के उपाय किए जाएंगे। डीएम ने कहा कि प्रशासन की कोशिश बेवजह पेड़ों को काटने से बचाने की होगी। जहां आपदा से बचने के लिए ऐसा करना जरूरी होगा वहीं पेड़ों को काटा जाएगा।
बता दें कि 24 फरवरी को बारहमासी मार्ग पर तिलौन के पास एक कार पर पेड़ गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने वन, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और उप जिलाधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर इस मार्ग पर टनकपुर से घाट तक के खतरे वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया।
एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला ने बताया कि 590 पेड़ खतरे की जद में हैं। इन पेड़ों की सूची वन विभाग को दे दी गई है। चंपावत प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट का कहना है कि पेड़ों के निस्तारण के लिए डीएम से मार्गदर्शन लिया जा रहा है।