चंपावत। रविवार को दिवाली है। रोशनी के इस पर्व पर हर तरफ त्योहारी उल्लास और उमंग है। रविवार रात को लक्ष्मी पूजन तो होगा ही बच्चे आतिशबाजी भी करेंगे। फुलझड़ी और पटाखे के उपयोग में तनिक सी असावधानी कई बार भारी पड़ सकती है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि चंपावत जिला अस्पताल के अलावा लोहाघाट और टनकपुर एसडीएच में वार्ड से लेकर आपात चिकित्सा के एंबुलेंस को चाकचौबंद किया गया है। आकस्मिक सेवा में चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।
पटाखे जलाते वक्त ये सावधानियां बरतें
- पटाखे जलाते वक्त एक बाल्टी पानी और रेत रखें, पटाखे सूती कपड़े पहनकर खुली जगह पर जलाएं और आग दूर से ही लगाएं, रॉकेट हमेशा ऊपर की ओर ही छोड़ें।
ये न करें
बहुत तेज आवाज और तीव्रता वाले पटाखे न जलाएं, फटने वाले पटाखों को हाथ में पकड़ कर आग न लगाएं, पटाखे जलाते समय सिंथेटिक और नायलॉन के कपड़े न पहनें, आग जले पटाखों को दोबारा जलाने का प्रयास खतरनाक हो सकता है, ऐसा करने से बचें।
कोट
प्रकाश पर्व दिवाली हर किसी के जीवन को रोशन करे। उजाले के इस पर्व को थोड़ी सी सावधानी संग मनाने से उल्लास बढ़ेगा। लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्था की गई है।
नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
कोट
आग या किसी अन्य हादसे से बचाव के उपाय किए गए हैं। टनकपुर फायर स्टेशन से बनबसा क्षेत्र को भी कवर किया गया है। जबकि लोहाघाट फायर स्टेशन से आग से बचाव के लिए चंपावत, खेतीखान, पाटी क्षेत्र में व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर फायर एक्सिटिंग्युशर की भी व्यवस्था की गई है।
देवेंद्र पींचा, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।