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जिला अस्पताल में अब महज तीन फार्मेसिस्ट

Sun, 30 Apr 2017 10:50 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत
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जिला अस्पताल से संबद्ध चार फार्मेसिस्टों को मूल अस्पताल में भेज दिया गया है। इसी के साथ अब जिला अस्पताल में महज तीन फार्मेसिस्टों से काम चल रहा है। फार्मेसिस्टों की कमी से काम पर असर पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।
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शासन द्वारा अटैचमेंट खत्म करने के आदेश के बाद संबद्ध फार्मेसिस्टों रैगांव के मनोज पुनेठा, भगाना महर के जितेंद्र वर्मा, जमराड़ी के नवीन कन्नौजिया और मंगललेख के फार्मेसिस्ट जगदीश राणा को जिला अस्पताल से मूल अस्पताल में भेज दिया है। इन चारों को पिछले कुछ समय से जिला अस्पताल में संबद्ध किया गया था।

अस्पताल की जरूरतों को देखते हुए उन्हें महीने में 15 दिन जिला अस्पताल में सेवा देने के आदेश दिए गए थे। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी का कहना है कि अटैचमेंट खत्म होने के बाद अब अस्पताल का काम सिर्फ तीन फार्मेसिस्टों के सहारे हैं। सुबह 8 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक, अपरान्ह 2 बजे से रात 8 बजे और रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक के लिए सिर्फ एक-एक फार्मेसिस्ट हैं।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ओपीडी के वक्त मात्र एक फार्मेसिस्ट का काम करना बेहद कठिन है। दवा वितरण के अलावा मरीजों को इंजेक्शन लगाने का काम एक ही कर्मी पर होने से काम के बोझ के अलावा देरी भी होगी। सबसे ज्यादा मुसीबत इमरजेंसी के वक्त होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

संविदा के छह डॉक्टरों ने ज्वाइन किया
 जिले को संविदा के छह डॉक्टर मिल गए हैं। इन सभी डॉक्टरों ने अपने-अपने अस्पतालों में ज्वाइनिंग कर ली है। बावजूद इसके अब भी जिले का एक अस्पताल डॉक्टर विहीन है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.डीएल शाह ने बताया कि जिले को छह संविदा डॉक्टर मिले हैं। इनमें से पांच डॉक्टरों का पांच साल और एक डॉक्टर का एक साल का अनुबंध किया गया है।

पांच साल के बांड वाले डा.अमित कुमार को सिप्टी, डा.मसूद अहमद हसन खान को पाटी, डा.मनोज कुंवर को चल्थी, डा.आशीष कुमार को देवीधुरा, डा.अर्चना प्रभा को खेतीखान भेजा गया है। इसके अलावा डा.आरके टंडन को एक साल के बांड में धौन भेजा गया है।

इसी के साथ अब जिले में 30 संविदा डॉक्टर हो गए हैं। छह डॉक्टरों की तैनाती के बावजूद अब भी एक अस्पताल टांण राजकीय एलोपैथिक केंद्र डॉक्टर विहीन है। वैसे जिले में कुल डॉक्टरों के स्वीकृत 95 पदों में से संविदा के मिलाकर 66 भरे गए हैं, लेकिन तैनात डॉक्टरों में से 9 काफी समय से अनुपस्थित हैं।
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