ंपावत में वीसी के जरिए मुख्य सचिव को जानकारी देते एडीएम।
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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बारहमासी सड़क की समीक्षा की। उन्होंने डीएम को सड़क चौड़ीकरण के दौरान अधिगृहीत की गई काश्तकारों की भूमि का मुआवजा समय से वितरित करने के निर्देश दिए। कहा कि बारहमासी सड़क चौड़ीकरण के तहत पड़ने वाले सभी जिलों को मुआवजे की धनराशि उपलब्ध करा दी गई है।
मुख्य सचिव ने वन विभाग को सड़क चौड़ीकरण एवं विभिन्न जिलों में बन रहे बाइपास में आ रही वन भूमि प्रकरणों का निस्तारण तेजी से करने, पेड़ों के मुआवजे की धनराशि व भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। मुख्य सचिव ने चौड़ीकरण में कार्य कर रहे ठेकेदारों की सीज की गई मशीनों, उनको स्टोन क्रेशर के लिए उपलब्ध कराई जा रही भूमि, स्टोन क्रेशर के लिए सामग्री प्राप्त करने के स्थान आदि के बारे में भी जानकारियां ली।
एडीएम हेमत कुमार वर्मा ने बताया कि प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा वितरण के लिए शासन से प्राप्त 5.91 करोड़ में से लगभग 3.91 करोड़ की धनराशि वितरण कर दी गई है और शेष दो करोड़ की धनराशि बाइपास में प्रभावित काश्तकारों के वितरण के लिए शेष रखी गई है। उन्होंने बताया कि बाइपास सर्वे की कार्रवाई चंपावत में पूर्ण कर मुआवजा वितरण की कार्रवाई यथा समय की जाएगी।
लोहाघाट बाइपास सर्वे में वन पंचायत सरपंचों द्वारा मनाही की जा रही है। जिस पर मुख्य सचिव ने तत्काल मामले का निस्तारण कर मुआवजा वितरण की कार्रवाई संपन्न कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, लोनिवि ईई लोहाघाट बीसी पंत, अशोक कुमार, राजेश कुमार, ईई एनएच पिथौरागढ़ एमएस धर्मसक्तू, तहसीलदार पूनम पंत, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज कुमार, एनसी पांडेय, सहायक भूलेख अधिकारी राम प्रसाद आदि मौजूद थे।