जिले के 80 परीक्षा केंद्रों में पांच फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण परीक्षा (नैस) को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बृहस्पतिवार को शिक्षा भवन सभागार में हुई केंद्र व्यवस्थापकों और प्रधानाचार्यों की बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित ने नैस परीक्षा को बोर्ड परीक्षाओं की भांति पूरी सुचिता के साथ संपादित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कक्षा 10 के विद्यार्थियों की इस परीक्षा को संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के साथ परीक्षा पेपरों को डबल लॉक में रखें। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चौकीदार अथवा ग्राम प्रहरी को सुरक्षा ड्यूटी में रखें।
उन्होंने कहा कि फील्ड इनवेस्टीगेटर (एफआई) को चार फरवरी को केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एफआई को परीक्षा संबंधी सभी प्रशिक्षण दिए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापक एफआई के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की सीट, ओएमआर सीट, परीक्षा पत्र आदि की व्यवस्था समय से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि नैस की परीक्षा को संपन्न कराने के लिए प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों नामित किया गया है, जो कक्ष निरीक्षक का कार्य करेंगे। परीक्षा 90 मिनट की होगी, जिसमें पांच विषयों अंग्रजी, गणित, साइंस, सोशल साइंस तथा हिंदी की परीक्षा होगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पर्यवेक्षकों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डीएस राजपूत, बेसिक सत्यनारायण, खंड शिक्षा अधिकारी उदय प्रकाश मिश्रा, हरेंद्र शाह, महावीर सिंह, उमेद सिंह सहित सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
खराब स्थिति मिलने पर प्रधानाचार्यों को लगाई फटकार
चंपावत। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कई स्कूलों की स्थिति जर्जर होने पर भी सूचना उपलब्ध न कराने, कंप्यूटर कक्ष एवं विज्ञान लैब की स्थिति खराब पाए जाने की स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्यों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय टीम के औचक निरीक्षण के समय किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।