Discord over non-attendance of Kailash in Kedarnath program
चंपावत। कोरोना काल में विधानसभा क्षेत्र में न रहने का आरोप झेल रहे चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम देखने के लिए यहां नहीं थे जबकि अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा चंपावत और विधायक पूरन सिंह फर्त्याल लोहाघाट में इस कार्यक्रम में शरीक हुए। इसमें उनकी गैर हाजिरी आम लोगों से लेकर पार्टी के उच्च स्तर पर भी चर्चा में रही। कई लोग इसके सियासी मायने भी निकाल रहे हैं, तो पार्टी के भीतर उनके विरोधी संकेत की भाषा में उन पर हमला बोल रहे हैं।
केदारनाथ धाम के लोकार्पण और शिलान्याय के कामों के साथ पीएम के संबोधन को सुनने के लिए चंपावत में करीब दो घंटे तक सांसद और भाजपा पदाधिकारी रहे लेकिन इस कार्यक्रम से विधायक का नदारद रहना पहेली बना रहा। उनकी अनुपस्थिति की जानकारी पार्टी के पास भी नहीं है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पाठक का कहना है कि केदारनाथ धाम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए विधायक को चंपावत में मौजूद रहना था। उन्होंने आने पर हामी भी भरी थी, लेकिन वे नहीं पहुंचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार के केदारनाथ के कार्यक्रम का प्रसारण देखने के लिए मुझे चंपावत में में मौजूद रहना था, लेकिन एकाएक देहरादून के काम के कारण चंपावत में मौजूद नहीं रह सका।
- कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत।
निर्वाचन क्षेत्र में नहीं रहते विधायक : आप
चंपावत। आम आदमी पार्टी (आप) भी विधायक पर अपने कार्यकाल में 100 से भी कम दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहने का आरोप लगा रही है। उन्हें एनआरआई (अनिवासी भारतीय) की तर्ज पर एनआरएमएलए (अनिवासी विधायक) तक कहा जाने लगा है। भाजपा छोड़ एक माह पहले आप में शामिल हुए विधानसभा क्षेत्र चंपावत के संयोजक एडवोकेट मदन सिंह महर का आरोप है कि विधायक ने अपने कार्यकाल में 90 प्रतिशत समय विधानसभा क्षेत्र से बाहर काशीपुर आदि अन्य जगहों पर गुजारा है। वहीं सोशल मीडिया के जरिये लगाए गए इन आरोपों को विधायक कैलाश गहतोड़ी ने खारिज किया है।