भारी बारिश की आशंका पर प्रशासन ने जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में पांच दिन का हाई अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन टीमों के अलावा राहत कार्य में नजर रखने को तीन सेक्टर मजिस्ट्रेेट तैनात किए गए हैं। पूर्णागिरि यात्रा पर रोक लगाने के साथ ही पर्वतीय मार्गों में रात में वाहनों के चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश की चेतावनी दी है। कुमाऊं में भी जबरदस्त बारिश के आसार बताए गए हैं। आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि अगले पांच दिनों के लिए क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पूर्णागिरि यात्रा पर रोक दी गई है और पर्वतीय मार्गों में रात आठ बजे बाद वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एनएचपीसी और शारदा हेड वर्क्स को शारदा के जल स्तर निगरानी रख कंट्रोल रूम को पल-पल की रिपोर्ट देने व बाढ़ बचाव उपकरणों को तैयार रखने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि शारदा के तट से लगे डूब क्षेत्र के लोगों को मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों में शरण लेने को कहा गया है। ईई सिंचाई अवधेश राम, एई सिंचाई दीप चंद्र कांडपाल और एई लोनिवि एपीएस बिष्ट को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इसके अलावा वन निगम के खनन प्रभारी हरीश पाल, डीएलएम विपणन और एआरटीओ रश्मि भट्ट को आपदा प्रबंधक में तैनात किया गया है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों को ठहराने के लिए नगर पालिका सभागार, पुरानी तहसील और पंचमुखी धर्मशाला को आपदा राहत कैंप बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावितों को मंडी समिति परिसर में ठहराने की व्यवस्था की जाएगी।