चंपावत। पिछले माह 17 से 19 अक्तूबर तक हुई तीन दिनी मूसलाधार बारिश की चंपावत जिले को भारी कीमत चुकानी पड़ी। न केवल व्यापक जन क्षति हुई, बल्कि भारी नुकसान भी हुआ। सरकारी संपत्ति की ही 129 करोड़ रुपये से ज्यादा चपत लगी है। नुकसान की जानकारी डीएम ने मंडलायुक्त को भेज दी है।
जिले में इस साल तीन दिन में इस कदर मूसलाधार बारिश हुई कि ये बारिश बीते तीन साल से भी ज्यादा थी। 760 मिमी बारिश तीन सालों में हुई जबकि इन तीन दिनों में बारिश का आंकड़ा 765 मिमी को भी पार कर गया था। इस बारिश से जिले में भारी तबाही मची।
मकान में मलबा आने से 11 लोगों की मौत हुई। आठ दिन राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद रहा। कुल 12958.25 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ। 1782 विभागीय योजनाओं पर मार पड़ी। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान सड़कों को हुआ। पेयजल, बिजली, सिंचाई विभाग की योजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है।
चंपावत जिले की बंद 10 ग्रामीण सड़कें
चमदेवल-जाख-गजीना, बांकू-सुल्ला-पासम, धूनाघाट-बरमतोड़ा, चमदेवल-निडिल, बलूता-पासम, सिप्टी-अमकड़िया, धौन-बड़ौली, अमोड़ी-छतकोट, खटोली मल्ली-वैला, धौन-दियूरी-बजौन सड़क।
17 अक्तूबर से तीन दिन तक हुई बारिश में 26 विभागों की परिसंपत्तियों और अन्य अवस्थापना से संबंधित सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ। कुल 1782 योजनाओं के क्षति होने से 12958.25 लाख रुपये के नुकसान होने का विभागीय अनुमान है। नुकसान का ब्योरा मंडलायुक्त को भेज दिया गया है।
- विनीत तोमर, डीएम, चंपावत।
नुकसान का ब्यौरा (लाख रुपये में)
मद योजनाएं क्षति की लागत
सड़कें 201 8086.22
सिंचाई 260 1206.07
ब्लॉकों की योजनाएं 636 1034.99
पेयजल 209 687.07
जिला पंचायत की योजनाएं 184 539.13
नगर पालिका 108 289.41
शिक्षा 97 283.65
बिजली 08 198.37
स्वास्थ्य 49 180.00
ग्रामीण निर्माण विभाग 12 153.52
पर्यटन 06 115.00
खेती, बागवानी 06 85.00
उरेडा 01 40.00
पशुपालन 03 37.20
युवा कल्याण विभाग 02 22.00