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दूरदराज से पहुंचीं छात्राओं का हल्लाबोल, किया प्रदर्शन

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चंपावत कलक्ट्रेट में कन्याधन योजना की रकम के लिए प्रदर्शन करतीं छात्राएं। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। गौरा देवी कन्याधन की राशि से वंचित छात्राओं ने 25 किमी दूर चंपावत कलक्ट्रेट में पहुंच प्रदर्शन किया। 2017 में इंटर कर चुकीं जिले की 1505 छात्राओं को अब तक रकम नहीं मिल सकी है। बाद में एडीएम टीएस मर्तोलिया के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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लोहाघाट, पाटी और बाराकोट ब्लॉक से आईं छात्राओं का कहना है कि उनसे पहले और बाद में इंटर पास करने वाली छात्राओं को कन्या धन योजना का लाभ मिला है। कई बार आवाज उठाने के बावजूद उन्हें 50 हजार रुपये आज तक नहीं मिल सकी है। छात्राओं ने चरणबद्ध आंदोलन करने का एलान किया। छात्रा उपाध्यक्ष पलक चिलकोटी और पूजा जोशी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कंचना पंत, ज्योति जोशी, दीपा भंडारी, बबीता चिलकोटी, सुमन, पूजा, कविता, काजल, निशा, संगीता, पूजा, आरती विश्वकर्मा, नीरू तिवारी, पूजा कुमारी, पिंकी राय, नेहा जोशी, आरती माहरा, सुनीता, कविता, किरन जोशी, कंचन आदि शामिल रहीं।
इसलिए नहीं मिला योजना का लाभ
प्रदेश सरकार ने जुलाई 2017 में कन्या धन योजना को नंदा देवी योजना में एकीकृत कर नंदा गौरा योजना में बदल इसके संचालन की जिम्मेदारी कार्यक्रम विभाग को दी। कार्यक्रम विभाग के पास नई योजना के संचालन की जिम्मेदारी पहली जुलाई 2017 से है। जबकि मार्च 2017 तक नंदा देवी योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग करती थी।
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योजना को लेकर कई बार आवाज उठाने के बाद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के कार्यक्रम पर सवाल उठते हैं। पूजा, जानकीधार।
कन्याधन की रकम नहीं मिलने से वह आगे पढ़ाई नहीं कर पा रही है। कॉलेज दूर होने से दूसरी जगह जाने लायक हालात नहीं है।
पुष्पा, दिगालीचौड़।
ये सरासर नाइंसाफी है। आखिर उनका क्या कसूर है, जबकि 2016 पास करने वाली छात्राओं के अलावा 2018 से भी योजना का लाभ मिला।
सुमन, लोहाघाट।
योजना में हुई अनदेखी से उन्हें झटका लगा है। इससे बालिकाओं को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने में अड़चन आएगी।
सुमन सामंत, लोहाघाट।
कन्याधन योजना की रकम से छात्राओं को क्यों वंचित किया जा रहा है। इसे न प्रशासन बता रहा है नहीं जन प्रतिनिधि।
सरोजनी आर्या, लोहाघाट।
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