जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) कोर्स की मान्यता खतरे में पड़ गई है, जिस कारण यहां से प्रशिक्षण ले चुके शिक्षकों के भविष्य पर भी तलवार लटक गई है। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के चेयरमैन सुनील अग्रवाल ने अल्मोड़ा सहित लोहाघाट स्थित डायट में नेशनल काउंसलिंग फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की मान्यता के बिना दिए जा रहे डीएलएड प्रशिक्षण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एनसीटीई की ओर से पूर्व में ही इन डायट की मान्यता की फाइलें रद्द कर दी गई हैं।
डायट के प्रभारी प्राचार्य डा.अवनीश शर्मा के अनुसार पूर्व में एनसीटीई मान्यता के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए गए थे। एनसीटीई की ओर से प्रस्तावित भवनों के लिए कम भूमि एवं अन्य मानक पूरे नहीं किए जाने पर उसे अस्वीकार कर दिया गया, जिसके बाद राज्य सरकार की ओर से 27 जून 2013 को यहां 48 पदों का सृजन करने के साथ ही मिनी डायट को डायट का दर्जा दिया गया।
13 सितंबर 2013 को लोहाघाट में डायट खोलने का शासनादेश जारी हुआ। प्राचार्य की ओर से 17 मार्च 2015 को इस संबंध में शपथ पत्र दाखिल करने के बाद एनसीटीई की ओर से दो सदस्यीय टीम यहां भेजी गई, जिसने कुछ आपत्तियां लगाई हैं। उनका कहना है कि डायट की ओर से फिर से मान्यता के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इस मामले को विभागीय स्तर पर भी संजीदगी से लिया जा रहा है।
कैलाश चंद्र शाक्य बने डायट के नए प्राचार्य
जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में कैलाश चंद्र शाक्य ने प्राचार्य के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अब तक इस पद पर डा.अवनीश शर्मा प्रभारी प्राचार्य के रूप में डायट का संचालन करते आ रहे थे। शाक्य इससे पहले चंपावत में जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक के पद पर कार्यरत थे। उनका स्थानांतरण निदेशालय की ओर से प्राचार्य डीडीहाट डायट के लिए किया गया था। इनके आवेदन पर विभाग ने आदेश में संशोधन करते हुए अब इन्हें लोहाघाट डायट में प्राचार्य पद पर नियुक्त किया है। प्रशासनिक अधिकारी घनश्याम पचौली, डा.अवनीश शर्मा, डा.एमपी जोशी, डा.नवीन जोशी, एसएस तड़ागी, एके श्रीवास्तव, नवीन ओली, प्रकाश तड़ागी, प्रमोद टम्टा, भीम सिंह बोहरा, एबी गड़कोटी, जीडी भट्ट, रोशन लाल, मंजू मेहता आदि ने स्वागत किया।