देवीधार महोत्सव को लेकर सजाया गया लोहाघाट के रायनगर चौड़ी गांव का मंदिर।
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लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र के प्रसिद्ध देवीधार महोत्सव की रौनक इस वर्ष कोराना के चलते फीकी पड़ गई। रविवार पांच जुलाई को मुख्य मेले के दिन देव रथ यात्राएं नहीं निकलेंगी। परंपरा का निर्वहन करते हुए रायनगर चौड़ी, डैंसली और कलीगांव से मां भगवती की मूर्ति को डलिया में रखकर देवीधार मंदिर लाया जाएगा।
तीनों ही गांवों से देवडांगर और पुजारी ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। देवीधार मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता ने बताया कि पांच दिनी महोत्सव के दौरान शासन प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दूरी बनाते हुए बारी-बारी से दर्शन कर मां का आशीर्वाद लिया जा रहा है। महोत्सव में शैक्षिक, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महोत्सव के जुड़े डैंसली, कलीगांव, रायनगर चौड़ी, गोर्खानगर में ग्रामीण समितियों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तीनों ही गांवों के मंदिरों को रंग रोगन से चमकाया गया है। ग्रामीण सामाजिक दूरी का पालन करते हुए गांव के मंदिर में पूजा, अर्चना कर रहे हैं।