पाटी में हुई किसानों की बैठक में प्रतिभाग करते किसान
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भारतीय किसान यूनियन ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की तरह उत्तराखंड के किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की है। पाटी विकासखंड सभागार में यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन सिंह करायत की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष चंद्रदत्त जोशी के संचालन में हुई बैठक में कहा गया कि सरकार की उदासीनता के चलते दूसरों का पेट भरने वाला अन्नदाता आज खुद बदहाल हो गया है।
खेती में हो रहे नुकसान से वह काश्तकार के बजाय खेतिहर मजदूर बनता जा रहा है। कहा कि कर्ज माफी नहीं होने पर जल्द ही आंदोलन की चेतावनी दी गई है। यूनियन ने कहा कि जिले में 13 प्रतिशत से भी कम सिंचित क्षेत्र होने से ज्यादातर किसान सिंचाई की सुविधा से वंचित हैं। ऊपर से मौसमी मार और जंगली जानवर के वार ने खेती को अब घाटे का सौदा बना दिया है। रमेश चंद्र राय, कैलाश सिंह महर सहित तमाम काश्तकारों ने कहा कि अगर कृषि विभाग या प्रशासन हालात को किसानों के अनुकूल नहीं करता है, तो देर सवेर किसान खेती छोड़ने को मजबूर होंगे।
पाटी की नई कार्यकारिणी गठित हुई
बैठक के दूसरे सत्र में भारतीय किसान यूनिनयन की पाटी विकासखंड की कार्यकारिणी का गठन किया गया। जौलाड़ी के बहादुर सिंह मेहता को अध्यक्ष बनाया गया। ढरोंज के देवकी नंदन जोशी उपाध्यक्ष, किम्वाड़ी के ललित मोहन गहतोड़ी सचिव और पाटी गांव के भगीरथ सौराड़ी को कोषाध्यक्ष चुना गया। सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए।