टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम मंदिर समिति ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पुश्तों से वन भूमि पर बसे पुजारियों को भूमि पर मालिकाना हक दिए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने रविवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को ज्ञापन सौंपा है। मंदिर समिति का शिष्टमंडल क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी से भी मिलेगा।
मंदिर समिति ने कहा है कि धाम के पुजारी पुश्तों से स्थायी और अस्थायी धर्मशालाओं का संचालन कर हर साल देश के कोने-कोने से देवी मां के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की निशुल्क सेवा करते आ रहे हैं। धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं को पानी, बिस्तर, विश्राम, स्नान, शौचालय आदि की निशुल्क सेवा दे रहे हैं।
उन्हें भूमि पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि धाम में बस कर उनकी कई पुश्तें श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही हैं, जिन्हें अब वन अधिनियम 2006 के तहत चिह्नित कर भूमि पर मालिकाना हक दिलाए जाने की कार्रवाई की जाए।
एसडीएम ने समिति को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। ज्ञापन देने वालों में मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, सचिव गिरीश पांडेय, नंदाबल्लभ तिवारी, नवीन चंद्र पांडेय, जनार्दन पांडेय, मोहन चंद्र पांडेय, इंद्रदेव पांडेय, कैलाश चंद्र पांडेय आदि शामिल थे। समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में मंदिर समिति का शिष्टमंडल जल्द क्षेत्रीय विधायक से भी मिलेगा।