टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर से देहरादून का सफर अब जनरल में 150 और हरिद्वार का किराया 135 रुपये होगा। रेल में 5020 टनकपुर-देहरादून साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन टनकपुर से प्रत्येक शनिवार और देहरादून से नियमित संचलन 10 मार्च से प्रत्येक रविवार को होगा। साधारण द्वितीय श्रेणी के तीन, शयनयान श्रेणी के पांच, वातानुकूलित तृतीय इकोनाॅमी श्रेणी के चार, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का एक और वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के एक कोच सहित कुल 16 कोच हैं। संवाद
मां पूर्णागिरि धाम का मास्टर प्लान बनाकर विकास होगा
टनकपुुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम का मास्टर प्लान बनाकर विकास किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाए जाने के उद्देश्य से रोपवे के निर्माण के लिए 45 करोड की धनराशि स्वीकृत की है। ककरालीगेट से पूर्णागिरी धाम तक अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने और केदारनाथ की तर्ज पर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
शारदा घाट का ऋषिकेश की तर्ज पर निर्माण किया जाएगा। वहां प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल आरती रूप से की जाएगी। भारत और नेपाल सीमा में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और आर्थिक गतिविधियों के विकास के लिए 3.82 किलोमीटर के इंडो नेपाल ड्राईपोर्ट का निर्माण 177 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। कुमाऊं के प्रमुख मंदिरों को मानस खंड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन स्टेशन पर छूटने का यह समय रहेगा
टनकपुर। टनकपुर से 19:40 बजे प्रस्थान कर बनबसा से 19:52 बजे, खटीमा से 20:12 बजे, पीलीभीत से 20:50 बजे, भोजीपुरा से 21:30 बजे, बरेली सिटी से 22:15 बजे, बरेली जं0 से 22:38 बजे, दूसरे दिन चंदौसी से 00:20 बजे, मुरादाबाद से 01:43 बजे, नजीबाबाद से 03:05 बजे, लक्सर से 04:07 बजे तथा हरिद्वार से 04:52 बजे छूटकर देहरादून 07:35 बजे पहुंचेगी। वापसी यात्रा में देहरादून से 15:15 बजे प्रस्थान कर हरिद्वार से 16:55 बजे, लक्सर से 17:33 बजे, नजीबाबाद से 18:08 बजे, मुरादाबाद से 20:05 बजे, चंदौसी से 21:25 बजे, दूसरे दिन बरेली जं0 से 01:00 बजे, बरेली सिटी से 01:15 बजे, भोजीपुरा से 01:47 बजे, पीलीभीत से 02:35 बजे, खटीमा से 03:13 बजे तथा बनबसा से 03:36 बजे छूटकर टनकपुर 04:00 बजे पहुंचेगी। संवाद
सीएम ने चाट का भी आनंद उठाया
टनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए टनकपुर की प्रसिद्ध कल्लू के पुत्र सूरज की चाट का आनंद भी लिया। वह कैंप कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनने के बाद रेलवे स्टेशन जाते समय चाट की दुकान पर रुके और चाट का आनंद उठाया। संवाद