अमोड़ी में निर्माणाधीन महाविद्यालय भवन।
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जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर अमोड़ी में 2016 में डिग्री कॉलेज खुलने से यहां के लोगों को राहत तो मिली लेकिन अभी तक कॉलेज का अपना भवन नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डिग्री कॉलेज को जीआईसी अमोड़ी के दो कमरों में चलाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कॉलेज तो खुल गया लेकिन भवन नहीं बन पाने के कारण व्यवस्थाएं जस की तस ही रह गई हैं। अमोड़ी में डिग्री कॉलेज खुलने से यहां के अनेक छात्र-छात्राओं को जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने से तो निजात मिल गई लेकिन आने वाले दिनों में अगर जल्द कॉलेज का अपना भवन नहीं बना तो समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
वर्तमान में जीआईसी अमोड़ी के दो कमरों में वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। प्राचार्या डॉ. कमला जोशी ने बताया कि अगर जल्दी ही कोई व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। महाविद्यालय में वर्तमान में करीब 136 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। मनीषा चौहान, छात्र संघ अध्यक्ष, अमोड़ी ने बताया कि महाविद्यालय का अपना भवन न होने से छात्र-छात्राओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जीआईसी में बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर न होने के कारण बैठने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लाइब्रेरी में पुस्तकें भी पूरी नहीं है जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। राजू भट्ट, छात्रसंघ उपाध्यक्ष, अमोड़ी ने बताया कि अमोड़ी में महाविद्यालय भवन के निर्माण में कहीं न कहीं राजनीति भी आड़े आ रही है। यदि ऐसा नहीं होता तो तय समय में भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया होता। महाविद्यालय में नए विषयों का अभाव होने के कारण भी छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भवन के लिए स्वीकृत हुए हैं 493 लाख
चंपावत। अमोड़ी महाविद्यालय के भवन के लिए भूमि चयनित होने के साथ ही 493 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। 50 लाख रुपये की पहली किस्त आने से भवन की नींव तो पड़ गई लेकिन फिर पैसा न आने के कारण आगे का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।