टनकपुर (चंपावत)। फार्मेसी अधिकारी महेश भट्ट के बेटे रोमित भट्ट ने यूपीएससी सिविल सेवा 2023 में 390वीं रैंक हासिल की है। उप जिला अस्पताल परिसर स्थित आवास में परिजनों ने रोमित को मिठाई खिलाई। रोमित ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया है।
रोमित के पिता महेश भट्ट ने बताया कि वे मूल रूप से ग्राम गरसेर, गरुड़ बैजनाथ, जिला बागेश्वर के निवासी हैं। रोमित ने प्रारंभिक शिक्षा टनकपुर से हासिल करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में बीए ऑनर्स किया। रोमित की मां प्रतिमा देवी गृहिणी है। उनके दो बच्चों में बड़ी बेटी गरिमा एमएससी कर रही है। बेटे की कामयाबी से मां, पिता और परिजनों में खुशी का माहौल है।
सफलता का मूल मंत्र:
-लगातार अध्ययन से सफलता मिली। मन को स्थिर कर पढ़ाई काम आई।
-सात से आठ घंटे की सेल्फ स्टडी कामयाबी का आधार बनी। सामग्री का रिवीजन काम आया
-अमर उजाला लगातार पढ़ता रहा। इससे इंटरव्यू में उत्तराखंड के विषय पर पूछे गए सवालों का उत्तर देने में आसानी हुई।
पिता की राशन की दुकान, बेटे ने किया कमाल
कैच लाइन... रैंक 906वीं
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत तहसील की चौदास घाटी के ग्राम सोसा के संदीप सिंह (27) पुत्र अरविंद सिंह कुंवर ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2023 में 906वां स्थान प्राप्त किया है।
संदीप सिंह के पिता अरविंद सिंह कुंवर राशन की दुकान चलाते हैं। माता सुनीता देवी गृहिणी है। संदीप पांच-भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। संदीप के ताऊ भरत सिंह और ताई धर्मू देवी ने बताया की संदीप बचपन से ही मेधावी रहे हैं। संदीप ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई ज्ञानदीप बाल विद्या मंदिर कुमौड़ पिथौरागढ़ से और इंटर एसजीआरआर, पटेल नगर देहरादून से किया है। संदीप ने पहले प्रयास में ही आईआईटी जेईई की परीक्षा पास कर आईआईटी रुड़की से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। वह वर्ष 2016 में अमेरिका के हस्टैनविला में नासा की ओर से आयोजित ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज मे प्रतिभाग कर अवार्ड जीतने वाली आईआईटी रुड़की की टीम का हिस्सा भी रहे हैं। आईआईटी में ही संदीप को एमएनसी में अच्छे पैकेज में कैंपस प्लेसमेंट मिल गया था।
छठे प्रयास में अर्जित की सफलता
रं समाज के प्रथम आईएएस नृप सिंह नपलच्याल को अपना आदर्श मानने वाले संदीप सिंह ने सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया। वह वर्ष 2018 से दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। उन्हें छठे प्रयास में सफलता अर्जित हासिल की है। संदीप ने मुख्य परीक्षा के लिए गणित को अपना वैकल्पिक विषय चुना था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, ताई ताऊ और गुरुजनों को दिया है।
सफलता का मूल मंत्र
-संदीप परिश्रम, धैर्य और निरंतरता को अपनी सफलता का मूल मंत्र मानते हैं।
-संदीप सिंह ने बताया कि आईएएस अधिकारी बनना उनका मुख्य उद्देश्य है।
-उन्होंने फिर से और लगन के साथ तैयारी करने की बात कही है।
मुनस्यारी के अमितेज को चौथे प्रयास में कामयाबी
कैच लाइन: रैंक 212वीं
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के दरकोट निवासी अमितेज पांगती ने यूपीएससी में 212वीं रैंक हासिल कर पूरे सीमांत क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका परिवार वर्तमान में लखनऊ में रहता है।
अमितेज पांगती सेवानिवृत कर्नल तेज बहादुर सिंह पांगती के पुत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जगत सिंह के पौत्र हैं। परिजनों ने बताया कि अमितेज आईआईटी दिल्ली से पासआउट होने के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। जनरल कैटेगरी से इस परीक्षा में शामिल हुए और चौथे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली है। अमितेज की सफलता की जानकारी मिलने के बाद पूरे मुनस्यारी क्षेत्र में खुशी व्याप्त है। संवाद
सफलता का मूल मंत्र