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दिल की बीमारी के इलाज के लिए न डॉक्टर न दूसरी सुविधाएं

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किशन सिंह दुग्ताल, प्राचार्य केवी फाइल फोटो - फोटो : LOHAGHAT
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चंपावत/लोहाघाट। जिले के सरकारी अस्पतालों में दिल के रोगियों के इलाज की खास व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि जिले भर में एक भी हृदयरोग विशेषज्ञ (कार्डियोलोजिस्ट) नहीं है। दिल की बीमारी के इलाज के लिए जिला अस्पताल में सबसे बड़ी सुविधा ईसीजी की है। चंपावत जिला अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ का पद सात साल से खाली है। केंद्रीय विद्यालय लोहाघाट के प्राचार्य किशन सिंह दुग्ताल की हृदयाघात से जान चली गई। अगर समय पर इलाज मिलता तो शायद उनकी जान बच जाती।
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केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य किशन सिंह दुग्ताल (59) ने करीब एक माह पूर्व ही लोहाघाट केवि में कार्यभार ग्रहण किया था। मूल रूप से निगालपानी दुग्तू धारचूला निवासी प्राचार्य दुग्ताल की सोमवार रात साढ़े 10 बजे एकाएक तबीयत बिगड़ी। उन्हें लोहाघाट उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्साधिकारी डॉ. कृतिका ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव ले गए। प्राचार्य के निधन पर केंद्रीय विद्यालय परिवार ने शोक जताया है।
एक साल में जिले में हृदयरोग के लक्षण वाले रोगियों की संख्या में आठ फीसदी इजाफा हुआ है। 2021 में जिले के प्रमुख अस्पतालों में आए 41 हजार रोगियों में से साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोगों में हृदय रोग के शुरुआती लक्षण मिले। इकोकार्डियोग्राफी और एंजियोग्राफी की सुविधा हल्द्वानी में है। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी का कहना है कि जिला अस्पताल में ईसीजी को छोड़ हृदयरोग के परीक्षण की सुविधा नहीं है। अलबत्ता एनसीडी (गैर संक्रमण विभाग) के जरिये रोग के शुरुआती लक्षण को जानने का रक्तचाप, मधुमेह और पैथोलोजी जांच से प्रयास किया जाता है।
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जीवन शैली में संतुलन, सेहतमंद खानपान के साथ ही हर तीन माह में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने से हृदय रोग के लक्षणों का शुरुआती पता लगाया जा सकता है। मानसिक तनाव से रक्त में खराब किस्म की वसा बढ़ती है। बैठे रहने के काम से शरीर में चर्बी और रक्तचाप के बढ़ने से हृदयरोग के खतरे बढ़ते हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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दिल की बीमारी से बचाव को उपयोगी हैं ये कदम:
:- सुबह की खुली हवा में तीन किमी तक घूमें, योगासन और प्राणायाम करें।
:- चिंता, क्रोध, मानसिक तनाव व डर को दूर करने का प्रयास करें।
:- धूम्रपान से परहेज करें, आलस छोड़ें।
:- मोटापा और वजन को बढ़ने से रोकें।
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