पाटी में चल रही रामलीला देखकर घर लौट रहे पिता और पुत्र पर एक दबंग ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को उच्च केंद्र रेफर किया गया है। लोगों के बीच बचाव के बाद दोनों चोटिलों को निजी वाहन से पाटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। मारपीट के कारणों पता नहीं चल सका है। अलबत्ता शनिवार की रात में ही ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचने की मांग करते हुए पाटी थाने का घेराव किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
थानाध्यक्ष प्रेम विश्वकर्मा ने बताया कि जौलाड़ी निवासी लक्ष्मण सिंह पुत्र हयात सिंह शनिवार रात को अपने पुत्र विकास बिष्ट के साथ पाटी रामलीला के समापन कार्यक्रमों को देखकर लौट रहे थे। इस दौरान मेठखोला तोक के पास संजय सिंह फर्त्याल उर्फ अलबेला ने पिता-पुत्र को घेरते हुए उन पर लाठी, डंडों, एवं खाली बोतलों से हमला किया। हमले में पिता-पुत्र बुरी तरह चोटिल हो गए। चीख-पुकार सुनकर गांव के अन्य लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों की जान बचाई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलाें को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि लक्ष्मण सिंह की तहरीर के आधार पर आरोपी संजय सिंह फर्त्याल उर्फ अलबेला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 352 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी दरोगा विक्रम सिंह ने पुलिस टीम के साथ रविवार को आरोपी को पाटी मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
वारदात के बाद दहशत मची
शनिवार की रात दबंग अलबेला द्वारा पिता-पुत्र के साथ मारपीट करने के बाद से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। अपने घरों को पैदल जा रहे सुनडुंगरा, पटनगांव, चौड़ाकोट के लोग डर के मारे जौलामेल से वापस होकर रामलीला मंच में एकत्र हो गये। रात के समय उनके गांवों से वाहनों के पहुंचने पर ही वह अपने घरों को जा सके।
उत्पात के चलते 6 साल तक नहीं हुई रामलीला
लोगों का कहना था कि पाटी रामलीला में कुछ साल पहले भी अराजक तत्वों ने काफी उत्पात मचाया था। इसके चलते पाटी में रामलीला का मंचन 6 वर्ष तक रुका रहा। पाटी में थाना खुलने के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रभात कुमार के आश्वासन पर फिर से रामलीला का मंचन किया गया। लेकिन दो साल तक रामलीला ठीक चलने के बाद तीसरे वर्ष ही रामलीला में उत्पात शुरू हो गया। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि घटना के चार रोज पूर्व भी उपद्रवियों ने रामलीला के मंच में पत्थर फेके थे और जमकर गाली गलौच की गयी थी। जिसकी शिकायत मौखिक रूप से कमेटी के लोगों ने पुलिस प्रशासन से की थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।