लावारिस पशुओं से क्षेत्र लोगों के साथ ही किसान भी खासे परेशान हैं। एनएच पर बीच सड़क पर बैठे आवारा पशुओं से आए दिन आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। रात में लावारिस पशु गांव में पहुंच फसलों को नष्ट करने में लगे हैं। उन्होंने आवारा और लावारिस पशुओं के लिए खोड़ बनाने की मांग की है।
एनएच पर आवाजाही करने वाले वाहन चालक क्षेत्र के नागरिक और किसान भी आवारा और लावारिस पशुओं से खासे त्रस्त हैं। आए दिन लावारिस पशु क्षेत्र के किसानों की फसल, चारा और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार तो ये पशु बीच सड़क में बैठ जाते हैं जिससे आवागमन भी प्रभावित हो जाता है। फागपुर, भजनपुर, चंदनी, पचपकरिया, चूनाभट्टा आदि गांव के किसानों ने बताया कि क्षेत्र में पांच दर्जन से अधिक लावारिस और आवारा पशु रात्रि समय खेतों में प्रवेश कर किसान की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
प्रधान गीता देवी, गिरधारी लाल, अरुण कुमार, माला देवी, गंगा गुरूंग, बीडीसी सदस्य पुष्कर कापड़ी, महेश जोशी, गजेंद्र चंद, कृषक मदन सिंह सामंत, कैं हरीश कापड़ी, ओमप्रकाश, धरम सिंह रावत, विनोद रावत आदि ने आवारा और लावारिस पशुओं से निजात दिलाने को प्रशासन से खोड़ बनाने की मांग की है।
बनबसा नगर पंचायत क्षेत्र में भूमि का चयन कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। भूमि मिलते ही बनबसा में आवारा और लावारिस पशुओं के लिए खोड़ का निर्माण कराया जाएगा। हेमेश खर्कवाल, विधायक संसदीय सचिव।