भारत का विरोध करते हुए नेपाल के एक माओवादी गुट के आह्वान पर रविवार को नेपाल बंद का सीमावर्ती शहर महेंद्रनगर में खास असर नहीं रहा, लेकिन दूर-दराज से नेपाली यात्रियों के भारत नहीं आने से बाजार की रौनक खासी प्रभावित रही। नेपाल बंद के चलते भारतीय रिक्शे, तांगे भी यात्रियों को लेकर सीमा पर स्थित पिलर संख्या 7 तक ही गए। सवारियों को लेकर चौपहिया वाहन शारदा बैराज तक ही आवाजाही करते रहे।
बता दें कि तीन दिन पहले पौड़ी गढ़वाल से नेपाली मजदूरों का भुगतान कर लौट रहे भारतीय वाहन (एचआर 26 जैड 0227) पर आंदोलनकारियों ने धनगढ़ी के पास पत्थर मार दिया था, जिससे वाहन का शीशा टूट गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल और देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी के मुताबिक नेपाल बंद के चलते बनबसा का कारोबार 40 से 45 फीसदी प्रभावित रहा।
बहरहाल, महेंद्रनगर और आसपास नेपाली गांव के दैनिक ग्राहक पूर्व की तरह ही खरीदारी को यहां पहुंचे। नेपाल जाकर मजदूरी करने वालों की रोजी-रोटी प्रभावित रही। प्रभारी इमिग्रेशन अधिकारी शिव सिंह ने बताया कि महेंद्रनगर और आसपास के गांवों से नेपाली नागरिक बनबसा पहुंचे। बंद के चलते दूर दराज नेपाल क्षेत्र के लोगों की आवाजाही नहीं के बराबर रही।