दो ग्रामीणों ने एक मेडिकल स्टोर में घुसकर कारोबारी पर हमला कर दिया। ग्रामीणों पर दुकान मेें तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगा है। हमले की वजह पता नहीं लग सकी है। कारोबारी ने मामले की कोतवाली में तहरीर दी है। अलबत्ता खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
आरोप है कि बृहस्पतिवार अपरान्ह करीब दो बजे दो ग्रामीण शांत बाजार स्थित मेडिकल स्टोर में जा धमके। मेडिकल स्टोर स्वामी और खनन कारोबारी उमेश खर्कवाल का आरोप है कि इन ग्रामीणों ने बेवजह गाली-गलौज करते हुए एकाएक पिटाई शुरू कर दी। दुकान में तोड़फोड़ भी की। कारोबारी खर्कवाल के चेहरे के पास गुम चोट और हाथ, छाती में चोटें लगी है। आसपास के लोगों के आने पर पिटाई करने वाले ग्रामीणों को पुलिस को सौंपा गया।
बताया जाता है कि कुछ लोगों ने भी दोनों ग्रामीणों की पिटाई की, जिससे उन्हें भी चोटें आई है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। जिला अस्पताल के डा.उदय शंकर ने बताया कि दोनों आरोपियों के सिर पर चोट और सूजन है। दोनों को उच्च केंद्र में रेफर किया गया है। कारोबारी खर्कवाल ने कोतवाली में तहरीर दी है, मगर कोतवाली में खबर लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। अलबत्ता पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ने हमला करने वाले दोनों ग्रामीणों पर 107/116 के तहत कार्रवाई करने के अलावा तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के कोतवाली को निर्देश दिए हैं। प्रभारी कोतवाल माधो राम का कहना था कि वे किसी मामले की पड़ताल को बुड़म गए हुए हैं। लौटने के बाद कार्रवाई करेंगे।
मामले से अनजान बनी रही कोतवाली पुलिस
अपराध पर नकेल कसने के बजाय कोतवाली पुलिस पूरे मामले में पर्दा डालने और लीपापोती में लगी रही। पहले पुलिस की ओर से इस मामले में कोई जानकारी देना तो दूर, घटना होने से ही इनकार कर दिया गया, जबकि दो ग्रामीणों का चिकित्सा परीक्षण खुद पुलिस द्वारा ही कराया गया था। अलबत्ता बाद में एसपी की फटकार पर कोतवाली पुलिस ने जानकारी दी।