एकीकृत माओवादी पार्टी के छात्र संगठन के नेता के ऐलान पर सोमवार से नेपाल में बंद हुआ भारतीय वाहनों का संचालन मंगलवार को दूसरे दिन भी यथावत रहा। बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की मनाही के बाद एक भी भारतीय दोपहिया और चौपहिया वाहन नेपाल नहीं गया। अलबत्ता नेपाली यात्रियों के आवागमन के लिए नोमेंस लैंड तक टैक्सी वाहनों का संचालन होता रहा।
नेपाल के छात्र संगठन ने चेतावनी दी थी कि भारतीय वाहन नेपाल में दिखे तो आग लगा दी जाएगी। इसके बाद से सुरक्षा के मद्देनजर बनबसा बॉर्डर से नेपाल के लिए भारतीय वाहनों के जाने पर रोक लगाई गई है। छात्र नेता की इस धमकी का असर मंगलवार को दूसरे दिन भी दिखाई पड़ा। सीओ रंजन सिंह रौतेला ने बताया कि भारतीय वाहनों को नेपाल ले जाने पर वैधानिक रोक नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लोगों को वहां के हालात की जानकारी देकर वाहन न ले जाने की सलाह दी जा रही है।
उनका कहना है कि नेपाल में हालात सामान्य होने के बाद भारतीय वाहनों को नेपाल जाने पर कोई रोक-टोक नहीं होगी। अलबत्ता नेपाल के नागरिकों की वाहनों में दोनों देशों के बीच आवाजाही सामान्य दिनों की तरह जारी है।
नकाबपोश उपद्रवियों ने बस में लगाई आग
नेपाल में बिगड़े हालात के बीच सोमवार रात कैलाली जिला मुख्यालय धनगढ़ी में चार नकाबपोश उपद्रवियों ने नेपाल की एक बस को आग लगा दी, जिससे वहां तनाव और बढ़ गया है। नेपाल के सूत्रों के मुताबिक कर्णाली रीवर यातायात समिति की बस (से.अ.ख. 1017) धनगढ़ी से फुलवारी जा रही थी कि रास्ते में चार नकाबपोश उपद्रवियों ने बस में चढ़कर यात्रियों को उतारा और फिर पेट्रोल छिड़कर बस में आग लगा दी। घटना में बस पूरी तरह जल गई।
नेपाल के सीमांत बाजारों में सन्नाटा
नेपाल के बिगड़े हालात से वहां के सीमांत बाजारों में भारतीय ग्राहकों के नहीं जाने से सन्नाटा पसर गया है। टनकपुर सीमा से लगे ब्रह्मदेव बाजार में पिछले दो दिन से एक भी भारतीय ग्राहक नहीं गया। वहां के दुकानदारों का कहना है कि यहां का कारोबार पूरी तरह भारतीय ग्राहकों पर निर्भर है, लेकिन दो दिनों से ग्राहकों के नहीं आने से उनका धंधा चौपट है।