पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई ने शादी के नाम पर लड़कियों का सौदा करने वाले गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं हैं। पुलिस ने उनके चंगुल से दो युवतियों को मुक्त कराया है।
खटीमा कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बनबसा ने सूचना दी कि सितारगंज की मंजीत उर्फ सरदारनी शादी के नाम पर लड़कि यों का सौदा करने वाला गिरोह चलाती हैं। गिरोह पर नजर रखने के लिए एक टीम बनाई गई।
हेड कांस्टेबल रवि चंद्र जोशी ने 24 अगस्त को सरदारनी के मोबाइल पर शादी के लिए लड़की की व्यवस्था करने को कहा। मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला ने गिरोह के सदस्य रंजीत के मोबाइल पर संपर्क किया तो वह शादी के लिए दो लड़कियों की व्यवस्था के लिए तीन लाख रुपये में राजी हो गया। व्हाट्सएप पर रंजीत ने लड़कियों की फोटो भेजी।
26 अगस्त को मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला ने फोन से बताया कि मंजीत उर्फ सरदारनी 12 से एक बजे के बीच बनबसा आकर लड़के वालों से लेनदेन और लड़कियों के विषय में बात करेगी। तय समय पर सरदारनी बनबसा पहुंची और हेड कांस्टेबल जोशी से बात करने रवाना हो गई। बताया गया कि लड़कियों के बदले 7-8 लाख रुपये में सौदा तय हुआ ।
इस पर हेड कांस्टेबल जोशी, विनय शुक्ला और मुखबिर के करीबी बृजेश गुप्ता मंजीत के पीछे-पीछे खटीमा आ गए। अमाऊं में खड़ायत होटल के पास घेराबंदी कर दो बाइकों पर सवार तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को पकड़ लिया गया। इस बीच, तीन बाइकों पर सवार तीन लोग खटीमा की ओर भाग गए।
स्वयंसेवी संस्था रीड्स और मानवाधिकार के कार्यकर्ताओं के सहयोग से गिरोह को दबोचने की योजना बनाई गई। खटीमा में गिरोह के सरगना और सक्रिय एजेंट समेत छह लोगों को पकड़ा गया है। दो लड़कियों को गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया गया है। पूछताछ में गिरोह के सरगना ने बताया कि वह विभिन्न राज्यों में शादी का झूठा नाटक कर लड़कियों को शादी कर भेजते हैं और मौका पाकर लड़कियों के द्वारा घर का कीमती सामान लेकर अपने पास वापस बुला लेते हैं।-मंजू पांडेय, प्रभारी उपनिरीक्षक, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई, बनबसा
ये आए पुलिस की गिरफ्त में
ध्यानपुर नानकमत्ता ऊधम सिंह नगर निवासी परमजीत सिंह पुत्र गुरु चरण सिंह, इसी गांव का रंजीत सिंह पुत्र पूरन सिंह, केथोलिया थाना नानकमत्ता ऊधम सिंह निवासी परमजीत कौर पत्नी स्व. कुलदेव सिंह, ग्राम कैमाचोखी धनकुना जिला पीलीभीत निवासी रेशमा देवी उर्फ सुनीता पत्नी स्व. पूरन लाल उर्फ मुन्ना लाल उर्फ नीरज, बरूवाबाग सिसौना थाना सितारगंज ऊधम सिंह नगर निवासी सुरेंद्र कौर उर्फ मंजीत उर्फ सरदारनी पत्नी भगत सिंह, प्रतापपुर थाना नानकमत्ता ऊधम सिंह नगर निवासी कश्मीर सिंह पुत्र मंगल सिंह शामिल हैं। पकड़ गए गिरोह के सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 370, 420, 120 बी, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
गिरोह को पकड़ने वाली टीम में ये थे शामिल
गिरोह को दबोचने वाली टीम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई की प्रभारी मंजू पांडेय, कांस्टेबल गणेश बिष्ट, रवि जोशी, मुन्ना सिंह, सुभाष जोशी, लक्ष्मी, पवन, मानवाधिकार संस्था कार्यकर्ता के विनय शुक्ला, रीड्स संस्था के प्रकाश आर्य, भावना चंद शामिल थे।
मुक्त कराई गईं युवतियों में एक उत्तराखंड तो दूसरी यूपी की
खटीमा। पुलिस की पूछताछ में शादी के नाम पर धोखाधड़ी से बचाई यूपी के एक जिले की 18 वर्षीय युवती ने बताया कि उसकी बुआ ने नौकरी का लालच देकर उसे बुलाया था और दो माह तक अपने पास रखा। इसके बाद वह यूपी चली गई। दो-तीन दिन पहले शादी अच्छे घर में तय करने की बात कह कर उसे यहां लाया गया। उसे जब बेचने की बात पता चली तो वह डर कर विरोध भी नहीं कर सकी।
दूसरी युवती उत्तराखंड की है। 20 वर्षीय इस युवती ने बताया कि आठ वर्ष से नौकरी करती है। एक परिचित ने उसकी मां से उसकी शादी की बात कही और उसे यहां बुलाया। उसे यहां आकर पता चला कि शादी करने के लिए लाखों रुपये के लेन देने की बात हो रही है।